नई दिल्ली: एशिया कप 2025 का फाइनल मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया और यह मैच कमजोर दिल वालों के लिए कतई नहीं था। दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 147 रन का लक्ष्य भारत के सामने रखा। हालांकि यह स्कोर देखने में छोटा लग सकता है, लेकिन पाकिस्तान की घातक गेंदबाज़ी और शुरुआती झटकों ने रन चेज को बेहद मुश्किल बना दिया। शुरुआत में भारत के तीन विकेट जल्दी गिरने से मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया, लेकिन आखिरकार भारतीय बल्लेबाज़ों ने धैर्य और हिम्मत के साथ यह लक्ष्य हासिल कर लिया।
रिंकू का फिनिशिंग टच, भारत ने लहराया जीत का परचम
फाइनल मुकाबले में भारत के लिए जीत का चौका रिंकू सिंह ने जड़ा और टीम को चैंपियन बना दिया। सबसे खास बात यह रही कि रिंकू पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेंच पर बैठे रहे, लेकिन फाइनल में उन्हें मौका तब मिला जब हार्दिक पंड्या चोटिल हो गए। यह मौका रिंकू के लिए सुनहरा साबित हुआ। उन्हें न सिर्फ प्लेइंग इलेवन में जगह मिली, बल्कि बैटिंग का भी मौका मिला। जब भारत को जीत के लिए 3 गेंदों में सिर्फ 1 रन की जरूरत थी, तब रिंकू क्रीज़ पर आए और पहली ही गेंद पर चौका लगाकर न सिर्फ मैच खत्म किया, बल्कि फैंस का दिल भी जीत लिया।
इस मैच में सलमान आगा की टीम 19.1 ओवर में 146 रन पर आउट हो गई थी। भारत की तरफ से कुलदीप यादव ने बेहतरीन गेंदबाजी की थी और 4 विकेट लिए थे जबकि जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट हासिल किए थे। इसके बाद भारत ने भारत ने 19.4 ओवर में 5 विकेट पर 150 रन बनाकर मैच जीत लिया। इस तरह से भारत ने अपने खिताब को डिफेंड किया और 9वीं बार एशिया कप खिताब जीत लिया।
पाकिस्तान के खिलाफ मैच में तिलक वर्मा ने अपनी तेज़तर्रार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया और 41 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने नाबाद 69 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिसने भारत को जीत के करीब पहुंचाया। तिलक को इस दौरान संजू सैमसन का भी अच्छा साथ मिला, जिन्होंने 27 रन बनाए और दोनों ने चौथे विकेट के लिए 57 रन की मजबूत साझेदारी की। संजू के आउट होने के बाद शिवम दूबे ने क्रीज संभाली और तिलक के साथ मिलकर 40 गेंदों में 60 रन जोड़े। शिवम ने 22 गेंदों पर 33 रन की प्रभावशाली पारी खेलते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।


