रोहित शर्मा ने धोनी को पीछे छोड़ा, विराट कोहली के आंकड़े भी प्रभावशाली; क्या शुभमन गिल बना पाएंगे नया इतिहास?

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नई दिल्ली : भारतीय टीम इन दिनों बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। सबसे पहले टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा ने कप्तानी छोड़ दी और संन्यास ले लिया। इसके बाद शुभमन गिल को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी गई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले रोहित शर्मा की वापसी हुई, लेकिन उन्हें कप्तानी से हटा कर शुभमन गिल को वनडे टीम का भी कप्तान बना दिया गया। इन हालिया बदलावों से साफ है कि भारतीय क्रिकेट टीम में एक नए युग की शुरुआत हो रही है। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या शुभमन गिल उस उच्च स्तर की कप्तानी कर पाएंगे, जो एमएस धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा ने वर्षों तक भारत के लिए निभाई है। यह निश्चित ही युवा कप्तान के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी।

धोनी, कोहली और रोहित का कप्तानी में सफलता का आंकड़ा कैसा रहा?

अगर टी20 इंटरनेशनल को छोड़कर केवल वनडे और टेस्ट क्रिकेट की बात करें, तो रोहित शर्मा, एमएस धोनी और विराट कोहली ने भारतीय टीम का मान कई वर्षों तक बढ़ाया है। एमएस धोनी की कप्तानी में 2011 के वर्ल्ड कप विजेता टीम ने वनडे मैचों में 55 प्रतिशत जीत दर्ज की। वहीं, टेस्ट क्रिकेट में धोनी की कप्तानी में जीत का प्रतिशत 45% रहा। दूसरी ओर, विराट कोहली ने भारतीय टेस्ट टीम को एक नई पहचान दी और उनकी कप्तानी में टीम ने 58.82 प्रतिशत टेस्ट मैच और 68.42 प्रतिशत वनडे मुकाबले जीते।

अब रोहित शर्मा की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम वनडे वर्ल्ड कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की रनर अप भी रही थी। उन्होंने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को टी20 वर्ल्ड कप 2024 में भी चैंपियन बनाया था। इसके अलावा दो एशिया कप भी भारत ने रोहित की कप्तानी में जीते। उनका वनडे में सक्सेस रेट रहा है 75 प्रतिशत जो कि विराट और धोनी से भी ज्यादा है। वहीं टेस्ट में भी 50 प्रतिशत मुकाबले उन्होंने जीते। यानी रोहित कप्तानी में सक्सेस रेट के मुकाबले में एमएस धोनी से भी आगे हैं। ऐसे में उन्हें हटाकर शुभमन गिल को कप्तानी मिलना युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।

शुभमन गिल ने इससे पहले टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की कमान मिलने के बाद 6 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है। इंग्लैंड दौरे पर भारत ने पांच टेस्ट मैच उनकी कप्तानी में खेले थे। यह सीरीज 2-2 से ड्रॉ हुई थी। उसके बाद भारतीय सरजमीं पर बतौर कप्तान टेस्ट डेब्यू करते हुए वह वेस्टइंडीज के खिलाफ उतरे। इस मैच में भारत ने पारी और 140 रन से जीत दर्ज की उनकी कप्तानी में अभी तक भारत ने 6 में से 3 टेस्ट जीते हैं। वहीं 2 में उसे हार मिली और एक मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। अब वनडे में 19 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी अग्नि परीक्षा होगी।

क्या शुभमन गिल निभा पाएंगे ये बड़ी कप्तानी चुनौती?

पिछले 3-4 वर्षों में रोहित शर्मा ने भारतीय टीम के खिलाफ विरोधी टीमों के मन में जो डर पैदा किया है, उसे बनाए रखना शुभमन गिल के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। अगर गिल एग्रेशन के साथ दबाव को सहने में सफल रहते हैं, तो वह इस चुनौती को पार कर सकते हैं। इसके साथ ही, ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी का वे कितना प्रभावी रूप से फायदा उठा पाते हैं, यह भी अहम होगा। वरना मोहम्मद कैफ की बात सही साबित हो सकती है कि अजीत अगरकर ने गिल पर अचानक बहुत ज्यादा जिम्मेदारियां डालकर उन्हें दबाव में डाल दिया है।

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