भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच करो या मरो की भिड़ंत

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नवी मुंबई. लगातार तीन हार झेल चुकी भारतीय महिला टीम अब विश्व कप में बने रहने के लिए नवी मुंबई में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ उतरेगी। दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला करो या मरो का है। भारत को सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए अगले दो मैचों में कम से कम एक जीत की ज़रूरत है, जबकि न्यूज़ीलैंड को अपने दोनों मैच जीतने होंगे। अगर भारत जीतता है, तो न्यूज़ीलैंड की चुनौती यहीं समाप्त हो जाएगी। टीम इंडिया इस मैदान से परिचित है क्योंकि यहां पहले भी T20I और WPL मैच खेल चुकी है। मुख्य चुनौती स्थिर टीम संयोजन की है, जो अब तक तय नहीं हो पाया है। पिछले मैच में टीम ने छठे गेंदबाज़ी विकल्प को प्राथमिकता दी थी, जिससे जेमिमाह रॉड्रिग्स को बाहर बैठना पड़ा था। इस बार वह किसी एक तेज़ गेंदबाज़ की जगह वापसी कर सकती हैं। बारिश की भविष्यवाणी को देखते हुए यह मुकाबला और दिलचस्प हो गया है—अगर मैच रद्द होता है, तो अंक तालिका में भारत को फ़ायदा मिल सकता है।

न्यूज़ीलैंड की किस्मत और भारत का दबाव

न्यूज़ीलैंड की किस्मत इस विश्व कप में साथ नहीं दे रही। उनके पिछले दो मैच बारिश की वजह से रद्द हो गए, जिससे उनकी सेमीफ़ाइनल उम्मीदें अब भारत और इंग्लैंड के खिलाफ़ जीत पर टिकी हैं। अब तक के 57 मुकाबलों में से न्यूज़ीलैंड ने 34 वनडे भारत के खिलाफ जीते हैं, जिनमें पिछले नौ में से छह जीत शामिल हैं।कप्तान सोफ़ी डिवाइन और ऑलराउंडर अमिलिया कर टीम की रीढ़ हैं। डिवाइन हाल में बारिश से मैच रद्द होने के कारण निराश नज़र आईं, लेकिन वह इस मैच में बड़ी पारी की उम्मीद करेंगी। दूसरी ओर, भारत के लिए अलग-अलग मैचों में अलग-अलग खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, मगर टीम अभी भी स्थायी संयोजन नहीं ढूंढ पाई है।

क्रांति गौड़ और न्यूज़ीलैंड के ओपनरों पर रहेंगी निगाहें

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता युवा तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़ का दूसरा स्पेल है। उन्होंने साउथ अफ़्रीका के खिलाफ़ शुरुआती पांच ओवरों में शानदार गेंदबाज़ी की थी, लेकिन डेथ ओवरों में रन लुटा बैठीं। पिछले दो मैचों में भी उन्होंने 8 से 9 रन प्रति ओवर की दर से रन दिए हैं। नवी मुंबई की बल्लेबाज़ी की मददगार पिच पर उन्हें अपनी लाइन-लेंथ सुधारनी होगी। न्यूज़ीलैंड की ओर से सलामी बल्लेबाज़ सूज़ी बेट्स और जॉर्ज़िया प्लिमर फ़ॉर्म में नहीं हैं। इस विश्व कप में दोनों की औसत साझेदारी सिर्फ़ 10.66 रही है। बेट्स दो बार शून्य पर आउट हुई हैं, जबकि प्लिमर तीन पारियों में 35 रन ही बना पाई हैं। डीवाई पाटिल स्टेडियम की पिच पर टीम चाहेगी कि यह जोड़ी अच्छी शुरुआत दे और भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए।

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