इंदौर. इंदौर जिसे वर्षों से ‘सुरक्षित’ और ‘मेहमाननवाज’ शहर के रूप में जाना जाता है, उसकी छवि को ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम की दो खिलाड़ियों के साथ हुई बदसलूकी की एक शर्मनाक घटना ने धक्का पहुंचाया है। मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (MPCA) ने इस घटना पर गहरा दुख और हैरानी जताई है, साथ ही इसे शहर की साख पर लगा ‘दाग’ बताया है। एमपीसीए के सचिव सुधीर असनानी ने एक बयान जारी कर कहा कि किसी भी महिला को ऐसी त्रासदी का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने इस घटना को “बेहद शर्मनाक” करार दिया। असनानी ने कहा, “हमारी संवेदनाएं और पूरा समर्थन उन खिलाड़ियों के साथ है जिन्होंने यह पीड़ा झेली है।” उन्होंने अफसोस जताया कि एक व्यक्ति की अनुशासनहीन हरकत ने न केवल खिलाड़ियों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि पूरे शहर की साख को भी ठेस पहुंचाई है।

साहस को किया सलाम: दर्द के बावजूद मैदान पर उतरीं
सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बावजूद दोनों ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी। एमपीसीए सचिव ने उनके साहस की तारीफ करते हुए कहा कि 25 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में खिलाड़ियों ने जिस हौसले से प्रदर्शन किया, वह उनकी देशभक्ति और पेशेवरता को दर्शाता है। यह बेहद प्रेरणादायक है।
मांगी माफी, जांच में सहयोग का आश्वासन
एमपीसीए ने पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम और खिलाड़ियों से इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगी है। संघ ने कहा, “हमें खेद है कि ऐसा हादसा हमारे शहर में हुआ।” क्रिकेट संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन हमेशा खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहे हैं, और टूर्नामेंट के दौरान सभी टीमों को पर्याप्त सुरक्षा दी गई थी। एमपीसीए ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि घटना के समय क्या खिलाड़ियों ने होटल से बाहर निकलने के लिए सुरक्षा का अनुरोध किया था या नहीं। एमपीसीए ने इंदौर पुलिस की ‘त्वरित कार्रवाई’ की सराहना की, जिसने कम समय में आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। संघ ने दोहराया कि वह पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है ताकि दोषी को कड़ी सजा मिल सके। एमपीसीए ने अंत में खिलाड़ियों के साथ एकजुटता जाहिर करते हुए हर संभव सहयोग का वादा किया।

