नई दिल्ली: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ की शुरुआत 14 नवंबर से होने वाली है। लेकिन उससे पहले दक्षिण अफ्रीका ए टीम ने इंडिया ए के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 417 रनों का लक्ष्य हासिल कर सभी को चौंका दिया। दिलचस्प बात यह रही कि इस मुकाबले में मोहम्मद सिराज, आकाशदीप, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव जैसे अनुभवी गेंदबाज़ शामिल थे, फिर भी भारतीय टीम इतने बड़े स्कोर की रक्षा करने में असफल रही।
कौन सा भारतीय गेंदबाज़ बनेगा साउथ अफ्रीका के लिए सबसे बड़ा खतरा?
मोहम्मद सिराज, आकाशदीप, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव भारतीय टेस्ट टीम के अहम सदस्य माने जाते हैं और प्रमुख गेंदबाज़ों की सूची में शामिल हैं। इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीका ए टीम ने इनकी मौजूदगी में मैच अपने नाम कर लिया। जब ए टीम के बल्लेबाजों ने इन गेंदबाज़ों के खिलाफ इतना दमदार प्रदर्शन किया, तो सोचने वाली बात है कि मुख्य दक्षिण अफ्रीकी टीम टेस्ट सीरीज़ में कितना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। इसी बीच मोहम्मद कैफ ने खुलासा किया कि कौन सा भारतीय गेंदबाज़ अफ्रीकी टीम के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बन सकता है और भारत किस रणनीति से यह सीरीज़ जीत सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा कि जब भारत बनाम साउथ अफ्रीका पहला टेस्ट मैच खेला जाएगा वो कोलकाता में होगा। अब ईडन गार्डन की पिच बदल गई है और वो फास्ट हो गई है। पिछले 5-10 साल की बात करें तो वहां पर ग्रीन पिच मिलती है। मुझे लगता है कि साउथ अफ्रीका तेज गेंदबाजों को अच्छा खेलती है इसका उदाहरण ये था कि बेंगलुरु में जो दूसरा अनाधिकारिक टेस्ट खेला गया वहां की पिच पर स्पिन को हेल्प नहीं मिलती और स्कोरिंग पिच होता है।
कैफ ने आगे कहा कि अगर बेंगलुरु में 417 रन का लक्ष्य चेज हो गया, तो यह साफ इशारा है कि वहां की पिच बल्लेबाज़ों के लिए अनुकूल थी और स्पिनरों को कोई खास सहायता नहीं मिल रही थी। उस मैच में आकाशदीप, सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव जैसे प्रमुख गेंदबाज़ खेले, फिर भी बड़ा स्कोर आसानी से हासिल कर लिया गया। ऐसे में गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल के लिए यह एक अहम सबक है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केवल तेज़ गेंदबाज़ी पर भरोसा करना कारगर नहीं होगा। कैफ के मुताबिक, टीम को ऐसी पिच तैयार करनी चाहिए जो शुरुआत के दो दिनों में बल्लेबाज़ों को मदद दे, लेकिन तीसरे और चौथे दिन स्पिनरों के अनुकूल हो जाए, और पांचवें दिन पूरी तरह टूटे हुए ट्रैक में बदल जाए। यही रणनीति दक्षिण अफ्रीका को मात देने का सबसे बेहतर तरीका साबित हो सकती है।
भारतीय टीम हाल के समय में हमेशा ऐसी पिचों पर खेलना पसंद करती है जहां अत्यधिक टर्न न हो, लेकिन इतना जरूर हो कि रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे स्पिनर असरदार साबित हों, और अगर वाशिंगटन सुंदर खेलें तो वे भी अपनी भूमिका निभा सकें। इस मुकाबले से टीम को यह समझ मिली कि दक्षिण अफ्रीका की टीम आकाशदीप, सिराज या प्रसिद्ध कृष्णा की तेज़ गेंदबाज़ी से नहीं घबराती। उन्हें मुश्किल तब होती है जब गेंद स्पिन होने लगती है और सामने रविंद्र जडेजा जैसे गेंदबाज़ आते हैं। इसलिए, साउथ अफ्रीका को हराने की कुंजी तेज़ गेंदबाज़ी नहीं, बल्कि स्पिन अटैक ही होगा।

