नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 रिटेंशन से पहले रविंद्र जडेजा और संजू सैमसन के संभावित ट्रेड को लेकर दोनों फ्रेंचाइजियां — चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) — ने दो दिन पहले ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) दाखिल कर दिया था। हालांकि, अब तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को इस ट्रेड के लिए आधिकारिक मंजूरी का अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि चेन्नई और राजस्थान की बातचीत एक तीसरे खिलाड़ी को लेकर अटकी हुई है — और वह खिलाड़ी हैं सैम करन, जिनकी डील इस पूरे समझौते में पेचीदगी पैदा कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान रॉयल्स के स्क्वाड में विदेशी खिलाड़ियों का कोटा फुल है। नियम के अनुसार इंग्लैंड के सैम कुरन को राजस्थान तब तक अपने साथ नहीं जोड़ सकता जब तक कि वह अपने किसी आठ विदेशी खिलाड़ी में से किसी को रिलीज नहीं कर देता।
RR के पास धन की कमी! पर्स में बची रकम से बढ़ी टीम की परेशानी
एक और बड़ी अड़चन यह है कि राजस्थान रॉयल्स के पर्स में अब बहुत कम राशि बची है। टीम के पास फिलहाल केवल 30 लाख रुपये शेष हैं, जबकि सैम करन को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने 2.4 करोड़ रुपये की कीमत पर अपने साथ जोड़ा था। ऐसे में राजस्थान के लिए इस ट्रेड को आगे बढ़ाना वित्तीय रूप से मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, रॉयल्स के पास 11 नवंबर तक पहले से ही आठ विदेशी खिलाड़ी — जोफ्रा आर्चर, शिमरोन हेटमायर, वनिंदु हसरंगा, महेश तीक्ष्णा, फजलहक फारूकी, क्वेना मफाका, नंद्रे बर्गर और लुआन-ड्रे प्रीटोरियस — टीम में शामिल हैं। इनके अलावा टीम में 14 भारतीय खिलाड़ी भी मौजूद हैं, जिससे स्क्वॉड पहले से ही लगभग पूरा भर चुका है।
जडेजा-सैमसन ट्रेड पर राहत, अब तक नहीं आई कोई अड़चन
संजू सैमसन और रविंद्र जडेजा के बीच ट्रेड में किसी तरह की दिक्कत नहीं है, क्योंकि यह डील दो भारतीय खिलाड़ियों के बीच सीधा आदान-प्रदान है। वर्तमान में राजस्थान रॉयल्स की टीम में 22 खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि किसी भी फ्रेंचाइजी के पास अधिकतम 25 खिलाड़ियों को रखने की अनुमति होती है। ऐसे में राजस्थान के पास तीन और खिलाड़ियों को जोड़ने का अवसर है, बशर्ते उनके पर्स में पर्याप्त राशि हो और विदेशी खिलाड़ियों की सीमा पहले से पूरी न हुई हो।
टीम बैलेंस के लिए राजस्थान कर सकता है हसरंगा और तीक्ष्णा को रिलीज
राजस्थान 2.4 करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले किसी विदेशी खिलाड़ी को रिलीज करके डील के लिए आगे बढ़ सकता है। पहले ही यह बात सामने आ चुकी है कि रॉयल्स अपने दो श्रीलंकाई स्पिनर वानिंदु हसरंगा (5.25 करोड़ रुपये) और महेश तीक्ष्णा (4.40 करोड़ रुपये) को रिलीज करने पर विचार कर रहा है।
क्या राजस्थान रॉयल्स डेडलाइन से पहले रिटेंशन लिस्ट का ऐलान करेगा?
इस कदम से राजस्थान रॉयल्स के पास न केवल विदेशी खिलाड़ियों के स्लॉट खाली हो जाएंगे बल्कि पर्स में पर्याप्त धनराशि भी उपलब्ध हो जाएगी। हालांकि, यह प्रक्रिया 15 नवंबर की रिटेंशन डेडलाइन के बाद ही पूरी हो सकती है, जब सभी फ्रेंचाइजियां अपने रिटेन और रिलीज किए गए खिलाड़ियों की सूची सार्वजनिक करेंगी। लेकिन अगर राजस्थान समय सीमा से पहले ही रिटेन खिलाड़ियों की लिस्ट घोषित कर देता है, तो इस संभावित ट्रेड को लेकर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सारा दारोमदार अब राजस्थान रॉयल्स पर
ट्रेड प्रक्रिया लंबी खिंचने की स्थिति में यह संभावना बनी रहती है कि किसी एक फ्रेंचाइजी या फिर किसी खिलाड़ी का रुख बदल जाए। लेकिन क्या ऐसा वास्तव में होगा? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस संभावित चेन्नई–राजस्थान डील ने बताया, “ऐसा हो सकता है, लेकिन इसकी संभावना बहुत कम है। मैं यह नहीं कह सकता कि सौदा पूरी तरह सुरक्षित है, मगर जिस स्तर तक बातचीत पहुंच चुकी है, अब किसी पक्ष के पीछे हटने की गुंजाइश बहुत कम है।” अगर राजस्थान रॉयल्स सच में रविंद्र जडेजा को अपनी टीम का हिस्सा बनाने के लिए गंभीर है, तो अब इस प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी उसी की बनती है।

