पिता ऑटो चालक, बेटी ने जीता गोल्ड; मीनाक्षी हुड्डा सहित भारत की बेटियों ने लगाया ‘गोल्डन पंच’

0

नई दिल्ली : भारत की बेटियों ने ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी कर दी है। इस प्रतियोगिता में भारत की तीन महिला मुक्केबाजों ने शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत के लिए सबसे पहले गोल्ड मेडल 48 किलोग्राम वर्ग में मीनाक्षी हुड्डा ने जीता। उन्होंने फाइनल में उज्बेकिस्तान की फरजोना फोजीलोवा को 5-0 के अंतर से हराकर खिताब अपने नाम किया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आपको बता दें कि मीनाक्षी रोहतक जिले के एक छोटे से गांव रुड़की से आती हैं। उनका परिवार बेहद साधारण है और उनके पिता आज भी ऑटो चलाते हैं। मीनाक्षी हुड्डा ने अपनी इस उपलब्धि के बाद भावुक होकर बताया कि उनके पिता आज भी ऑटो चलाते हैं और आर्थिक स्थिति थोड़ी सुधरने के बाद भी उन्होंने ऑटो चलाना नहीं छोड़ा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके पिता का मानना है कि उनकी बेटी आज जो कुछ भी हैं, वह उसी ऑटो में की गई मेहनत का नतीजा है। ऑटो की कड़ी मेहनत के दम पर ही मीनाक्षी ने रिंग तक का सफर तय किया। मीनाक्षी ने इससे पहले 2022 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक और सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी रजत पदक अपने नाम किया था। उनकी उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उन्हें इंडो-टिबेतन बॉर्डर पुलिस फोर्स (ITBP) में तैनात किया गया।

प्रीति और अरुंधति ने भी हासिल किया ‘गोल्डन पंच’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मीनाक्षी के अलावा, 54 किलोग्राम वर्ग में भारत की प्रीति पवार ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 2025 वर्ल्ड ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट इटली की सिरिन चराबी को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। इसके बाद 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने भारत के लिए तीसरा गोल्ड मेडल जीता। अरुंधति ने फाइनल में उज्बेकिस्तान की अजीजा जोकिरोवा को मात देकर भारत की इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हैट्रिक पूरी की। कुल मिलाकर भारत के 15 मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाई थी। अब अगले सत्र में निगाहें निकहत जरीन और जैस्मीन लम्बोरिया पर होंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here