हेड कोच गौतम गंभीर पर कपिल देव का बड़ा बयान

0

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा कि आज के दौर में हेड कोच का काम खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से सिखाने से ज्यादा उन्हें मैनेज करना हो गया है। नवंबर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि इससे पहले साल 2024 में न्यूजीलैंड ने भारत को 0-3 से क्लीन स्वीप किया था। इन लगातार टेस्ट सीरीज हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर पर दबाव काफी बढ़ गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कपिल देव ने कहा कि आज “कोच” शब्द बहुत आम हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “गौतम गंभीर कोच नहीं हो सकते, वह टीम के मैनेजर हो सकते हैं। कोच वे होते हैं जिनसे हम स्कूल या कॉलेज में सीखते हैं। मेरे लिए वही लोग कोच थे, क्योंकि वे मुझे सही तरीके से मैनेज कर सकते थे।”

गंभीर पर सवाल: लेग-स्पिन और विकेटकीपिंग का कोच कैसे?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कपिल देव ने आगे कहा कि आप कोच कैसे हो सकते हैं, जब मान लीजिए आपको किसी लेग स्पिनर या विकेटकीपर को सिखाने की जिम्मेदारी दी जाए। उनके मुताबिक गौतम गंभीर किसी लेग स्पिनर या विकेटकीपर के कोच कैसे हो सकते हैं। कपिल देव का मानना है कि आज के दौर में मैनेज करना ज्यादा जरूरी है। एक मैनेजर के तौर पर आप खिलाड़ियों को हिम्मत देते हैं और यह भरोसा दिलाते हैं कि वे यह कर सकते हैं, क्योंकि युवा खिलाड़ी आपकी तरफ उम्मीद से देखते हैं। उन्होंने कहा कि एक मैनेजर या कप्तान का काम टीम को मानसिक रूप से सहज रखना, खिलाड़ियों को आराम देना और हमेशा यह भरोसा दिलाना होता है कि वे और बेहतर कर सकते हैं।

जो फॉर्म में नहीं हैं, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना जरूरी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कपिल देव ने कहा कि कप्तान के तौर पर उनकी अपनी फिलॉसफी हमेशा यही रही है कि खराब दौर से गुजर रहे खिलाड़ियों को पूरा समर्थन दिया जाए। उनका मानना है कि जो खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें दिलासा देना और उनका आत्मविश्वास बढ़ाना जरूरी है। कपिल देव ने यह भी कहा कि अगर किसी खिलाड़ी ने शतक लगाया है तो उसके साथ ड्रिंक या डिनर करना उनकी प्राथमिकता नहीं होती, बल्कि उनका ध्यान उन खिलाड़ियों पर रहता है जो संघर्ष कर रहे होते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वहां बहुत सारे लोग होते हैं, लेकिन एक कप्तान के तौर पर वह उन्हीं खिलाड़ियों के साथ ड्रिंक या डिनर करना पसंद करेंगे जो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हों। ऐसे खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देना बेहद जरूरी होता है। कपिल देव के मुताबिक, यही कप्तानी की असली जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक कप्तान की भूमिका सिर्फ अपनी व्यक्तिगत परफॉर्मेंस तक सीमित नहीं होती, बल्कि टीम को एकजुट रखना और सभी खिलाड़ियों को साथ लेकर चलना भी उतना ही अहम होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here