नई दिल्ली: भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच स्जोर्ड माराइने ने एशियन गेम्स 2026 और लॉस एंजेलिस ओलंपिक चक्र को ध्यान में रखते हुए टीम की फिटनेस और आपसी तालमेल को अपनी प्राथमिकता बताया है। दिसंबर 2025 में चार साल के अंतराल के बाद महिला हॉकी कार्यक्रम में वापसी करने वाले डच कोच ने कहा कि मजबूत टीम के निर्माण के लिए शारीरिक फिटनेस और एकजुटता सबसे अहम आधार हैं।
माराइने ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से बातचीत में कहा, “इस समय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता फिटनेस है, जो हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण पहलू है। इसके साथ ही टीम के रूप में एकजुट होकर खेलने पर फोकस है। इसके बाद तकनीक जैसे अन्य पहलुओं पर काम किया जाएगा।”
भारतीय महिला हॉकी टीम मार्च 8 से 14 मार्च तक हैदराबाद में होने वाले एफआईएच महिला विश्व कप क्वालीफायर, एशियन गेम्स 2026 और एलए 2028 ओलंपिक चक्र से जुड़ी प्रमुख प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटी हुई है।
टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय महिला टीम को ऐतिहासिक चौथे स्थान तक पहुंचाने वाले माराइने ने बेंगलुरु स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय केंद्र में चल रहे राष्ट्रीय कोचिंग शिविर की कमान संभाल ली है। यह शिविर 18 फरवरी तक चलेगा। शुरुआत में कैंप में 49 खिलाड़ी शामिल थे, जिनमें 43 सीनियर और छह जूनियर खिलाड़ी थे। चयन ट्रायल के बाद हॉकी इंडिया ने टीम को 29 खिलाड़ियों तक सीमित कर दिया है।
पिछले कुछ हफ्तों की ट्रेनिंग पर बात करते हुए माराइने ने कहा, “हम अभी एक-दूसरे को समझने की प्रक्रिया में हैं। कुछ खिलाड़ियों को मैं पहले से जानता हूं, लेकिन सभी से अभी परिचय हो रहा है। हर खिलाड़ी के स्तर पर काम करना और यह समझना जरूरी है कि उसके लिए क्या सबसे बेहतर है।”
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच की भूमिका बेहद अहम है। फिलहाल सबसे जरूरी है खिलाड़ियों के शरीर और उनकी फिटनेस को सही तरीके से मैनेज करना। रणनीति हमारे लिए अभी निर्णायक नहीं है, क्योंकि उसका ढांचा पहले से स्पष्ट है। हम सभी एक साझा लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं और यही वजह है कि मैंने दोबारा इस कार्यक्रम में लौटने का फैसला किया।

