ध्यान देने वाली बात यह है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर 2009 के बाद से इंडियन प्रीमियर लीग में हिस्सा नहीं ले पाए हैं, जिसकी वजह भारत और पाकिस्तान के बीच जारी कूटनीतिक तनाव रहा है। इसी पृष्ठभूमि में यह आशंका जताई जा रही थी कि जब कई आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिक अन्य देशों की लीगों में भी निवेश कर चुके हैं, तो कहीं पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए दूसरी लीगों के अवसर भी सीमित न हो जाएं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘द हंड्रेड’ का ऑक्शन 11 और 12 मार्च को लंदन में होना है, जहां खिलाड़ियों के चयन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इस विवाद के बीच इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी ECB से स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की थी। उनका कहना था कि यदि क्रिकेट को इंग्लैंड का सबसे समावेशी खेल बनाना है, तो किसी भी प्रकार के भेदभाव की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। अब सबकी निगाहें लंदन में होने वाली नीलामी पर टिकी हैं—देखना होगा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को बराबरी का अवसर मिलता है या यह मुद्दा आगे और तूल पकड़ता है।