नई दिल्ली : सनराइजर्स लीड्स ने ‘द हंड्रेड 2026’ की नीलामी के दौरान पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल कर लिया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस फैसले के कारण काव्या मारन की फ्रेंचाइजी को काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि भारतीय मालिकाना हक वाली टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाएंगी। हालांकि इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने साफ कर दिया कि ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट में किसी भी तरह के भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है।
अबरार अहमद के टीम में शामिल होने से बेहद खुश हैं: कोच
अबरार अहमद के अलावा उस्मान तारिक दूसरे ऐसे पाकिस्तानी खिलाड़ी थे जिन्हें ‘द हंड्रेड’ में कॉन्ट्रैक्ट मिला और बर्मिंघम फीनिक्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। भारत में हो रही आलोचना के बीच सनराइजर्स के कोच डेनियल विटोरी ने अबरार अहमद के चयन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विटोरी ने बताया कि टीम आदिल राशिद को नहीं खरीद पाई थी और उन्हें एक लेग स्पिनर की जरूरत थी, इसी वजह से अबरार को चुना गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि अबरार उन चार-पांच स्पिनरों में शामिल थे जिन्हें फ्रेंचाइजी ने शॉर्टलिस्ट किया था और उनके टीम में शामिल होने से सभी काफी खुश हैं।
पाकिस्तानी खिलाड़ियों को न खरीदने पर कोई चर्चा नहीं हुई
डेनियल विटोरी ने गुरुवार को ‘द हंड्रेड’ की नीलामी खत्म होने के बाद कहा कि आदिल राशिद शुरू से ही उनकी पहली पसंद थे, लेकिन जब वह हाथ से निकल गए तो टीम को विदेशी स्पिनर की ओर रुख करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि चार-पांच स्पिनर ऐसे थे जिन पर फ्रेंचाइजी की नजर थी और अबरार अहमद भी उनमें से एक थे, इसलिए उन्हें टीम में शामिल कर लिया गया और इससे टीम काफी खुश है।
विटोरी ने यह भी साफ किया कि नीलामी के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों को न चुनने को लेकर मैनेजमेंट में कोई चर्चा नहीं हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनका कहना था कि टीम का लक्ष्य सिर्फ सबसे बेहतरीन संयोजन तैयार करना था। उन्होंने यह भी बताया कि बांग्लादेश के रिशाद हुसैन और पाकिस्तान के उस्मान तारिक भी उनकी नजर में थे।

