मुंबई। BCCI ने IPL 2026 के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं, जिनका मकसद टूर्नामेंट के दौरान अनुशासन और समानता बनाए रखना है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब मैच के दिन किसी भी टीम को प्रैक्टिस की अनुमति नहीं होगी और खिलाड़ियों के लिए फिटनेस टेस्ट भी नहीं कराया जाएगा। टूर्नामेंट की शुरुआत 28 मार्च से होगी, जिसमें डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच पहला मुकाबला एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा।
गाइडलाइन के अनुसार प्रैक्टिस के लिए टीमों को अलग-अलग नेट्स और विकेट दिए जाएंगे। कोई भी टीम विरोधी टीम के नेट्स या विकेट का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। यहां तक कि अगर एक टीम अपनी प्रैक्टिस जल्दी खत्म कर देती है, तब भी दूसरी टीम उसके संसाधनों का उपयोग नहीं कर पाएगी।
मैच के दिन खिलाड़ियों और स्टाफ के लिए सख्त नियम लागू रहेंगे। ड्रेसिंग रूम और मैदान पर केवल अधिकृत स्टाफ को ही प्रवेश मिलेगा और सभी के लिए एक्रेडिटेशन कार्ड अनिवार्य होगा। खिलाड़ियों के परिवार और दोस्त अलग वाहन से आएंगे और केवल हॉस्पिटैलिटी एरिया से ही प्रैक्टिस देख सकेंगे।
इसके अलावा, ब्रॉडकास्ट से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। शुरुआती ओवरों में ऑरेंज और पर्पल कैप पहनना अनिवार्य होगा, जबकि पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान स्लीवलेस जर्सी या फ्लॉपी पहनने की अनुमति नहीं होगी। टीमों को अपने खिलाड़ियों के जर्सी नंबर में किसी भी बदलाव की जानकारी कम से कम 24 घंटे पहले देनी होगी। मैच के दिन सिर्फ 12 सपोर्ट स्टाफ, जिसमें डॉक्टर भी शामिल होगा, को टीम के साथ रहने की अनुमति दी जाएगी। इन नए नियमों का उद्देश्य टूर्नामेंट को बेहतर तरीके से संचालित करना और सभी टीमों के लिए समान परिस्थितियां सुनिश्चित करना है।


