नई दिल्ली : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने में अब दो महीने से भी कम का समय बचा है और यह दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक माना जाता है। इस बार टूर्नामेंट की शुरुआत 11 जून से होगी और इसकी मेजबानी संयुक्त रूप से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको कर रहे हैं। इसमें कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी। भले ही भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम इस बार क्वालिफाई नहीं कर पाई है, लेकिन भारत में इस टूर्नामेंट को लेकर जबरदस्त उत्साह रहता है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि भारत में इसका आधिकारिक प्रसारण होगा या नहीं, जिससे फैंस की चिंता बढ़ गई है।
फीफा ने अपनी मांग घटाई, अब पहले से आधे से कम हुई रकम
अभी तक भारत के किसी भी टेलीविजन या डिजिटल प्लेटफॉर्म ने फीफा विश्व कप 2026 के मीडिया राइट्स नहीं खरीदे हैं। फीफा ने 2025 में इसकी बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। फीफा ने शुरू में 2026 और 2030 विश्व कप के संयुक्त मीडिया राइट्स की वैल्यू $100 मिलियन आंकी थी। कोई खरीददार नहीं मिलने पर इसके घटाकर 35 मिलियर डॉलर कर दिया गया लेकिन इसके बाद भी अभी तक कोई ब्रॉडकास्टर नहीं मिला है।
मैच का समय भारत के हिसाब से नहीं
फीफा विश्व कप 2026 का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में हो रहे हैं। अधिकतर मैच भारत में आधी रात में शुरू होंगे। कुछ मैच भोर में तो कुछ की शुरुआत सुबह-सुबह होगी। इसकी वजह से व्यूअरशिप के साथ ही एड रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है। 2022 में फीफा विश्व कप का आयोजन कतर में हुआ था। तब Viacom18 ने 62 मिलियन डॉलर में प्रसारण अधिकार खरीदे थे। कतर और भारत के समय में ढाई घंटे का ही अंतर है।
भारत में क्रिकेट का जबरदस्त दबदबा जारी
भारत में फुटबॉल को भले ही पसंद किया जाता है, लेकिन क्रिकेट का दबदबा पूरी तरह से कायम है। इसी वजह से ब्रॉडकास्टर्स का फोकस अधिकतर इंडियन प्रीमियर लीग और भारतीय टीम के इंटरनेशनल मैचों पर रहता है। आईपीएल के एक मैच के लिए ब्रॉडकास्टर्स भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को 100 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान करते हैं, जबकि भारतीय टीम के अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए भी लगभग 70 करोड़ रुपये प्रति मैच दिए जाते हैं। इन भारी वित्तीय प्रतिबद्धताओं के कारण फीफा विश्व कप जैसी महंगी गैर-क्रिकेट स्पोर्ट्स संपत्तियों को हासिल करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।


