न्यूयॉर्क : फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खेल भावना और फुटबॉल के प्रति उनके लगाव की सराहना की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह सिक्किम के गंगटोक में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते दिखाई दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन्फैंटिनो ने अपने पोस्ट में लिखा, “नरेंद्र मोदी को हमारे शानदार खेल का हिस्सा बनते देखना बेहद खुशी की बात है। फुटबॉल वास्तव में पूरी दुनिया को एकजुट करता है।”
गंगटोक में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते दिखे पीएम मोदी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सिक्किम दौरे पर थे, जहां उन्होंने सुबह बच्चों के साथ फुटबॉल खेला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘सिक्किम में गंगटोक की खूबसूरत सुबह में अपने युवा दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने जैसा कुछ नहीं!’ इसके बाद एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, ‘इन युवाओं के साथ यह फुटबॉल सत्र सच में ऊर्जा से भर देने वाला रहा।’
पूर्वोत्तर भारत में फुटबॉल का जबरदस्त क्रेज
भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में फुटबॉल बेहद लोकप्रिय खेल है। सिक्किम, मिजोरम, मणिपुर और मेघालय जैसे राज्यों में फुटबॉल को खास पहचान मिली हुई है। कई जगहों पर इसकी लोकप्रियता क्रिकेट से भी ज्यादा मानी जाती है। ऐसे में पीएम मोदी का बच्चों के साथ फुटबॉल खेलना स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों के लिए खास संदेश माना जा रहा है।
पहले भी हो चुकी है पीएम मोदी और इन्फैंटिनो की मुलाकात
यह पहली बार नहीं है जब फीफा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की हो। दोनों नेता कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहले भी मुलाकात कर चुके हैं। दिसंबर 2018 में अर्जेंटीना में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों की भेंट हुई थी। उस समय जियानी इन्फैंटिनो ने पीएम मोदी को उनके नाम वाली फुटबॉल जर्सी भेंट की थी। उस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा था कि अर्जेंटीना आकर फुटबॉल को याद न करना असंभव है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह भी कहा था कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी भारत में काफी लोकप्रिय हैं और फीफा अध्यक्ष से यह जर्सी पाकर उन्हें खुशी हुई।
खेल कूटनीति को भी मिला बढ़ावा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खेलों के माध्यम से दिए गए ऐसे संदेश भारत और दुनिया के बीच सकारात्मक रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं। पीएम मोदी का यह फुटबॉल सत्र भी उसी दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।


