एनएसटी न्यूज, भोपाल। बरखेड़ा नाथू स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स भोपाल के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान खेल एवं युवा कल्याण मंत्री Vishwas Kailash Sarang ने गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर कड़ा रुख अपनाया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यों को अपेक्षित स्तर से नीचे पाया, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए Madhya Pradesh Road Development Corporation (एमपीआरडीसी) के अधिकारियों को फटकार लगाई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि गुणवत्ता में कमी दोबारा पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश को एक विश्वस्तरीय खेल परिसर मिल सके।
हैंडओवर प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मंत्री सारंग ने समीक्षा बैठक में विशेष रूप से कॉम्पलेक्स के हैंडओवर और टेकओवर प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी भवन या संरचना को बिना तकनीकी सत्यापन के हैंडओवर नहीं लिया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को विस्तृत निरीक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, सभी मरम्मत योग्य कार्यों की पहचान कर उनका एक विस्तृत फ्लो चार्ट तैयार करने और चरणबद्ध मरम्मत योजना बनाने को कहा गया। मंत्री का मानना है कि इस प्रक्रिया से न केवल कार्यों में पारदर्शिता आएगी, बल्कि समयबद्ध तरीके से सुधार भी संभव होगा।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ समग्र विकास की योजना
खेल परिसर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए मंत्री ने बुनियादी और आधुनिक सुविधाओं के समुचित विकास पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि परिसर में पानी, बिजली, स्वच्छता, पार्किंग और आईटी से जुड़ी सुविधाएं उच्च मानकों के अनुरूप विकसित की जाएं। इसके अलावा प्रशासनिक भवन, सर्वर रूम, आईटी रूम और आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल खेल मैदान ही नहीं, बल्कि संपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसा होना चाहिए जो खिलाड़ियों, कोचों और दर्शकों की सभी जरूरतों को पूरा कर सके।

थर्ड पार्टी ऑडिट से होगी निष्पक्ष जांच
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि बाहरी एजेंसी द्वारा की गई निष्पक्ष जांच से निर्माण की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता या कमी को समय रहते सुधारा जा सकेगा। इस कदम से परियोजना की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी और यह सुनिश्चित होगा कि परिसर अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार हो।
ग्रीन एनर्जी को प्राथमिकता, सोलर सिस्टम पर जोर
ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंत्री सारंग ने परिसर में सोलर एनर्जी के उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉम्पलेक्स की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सोलर पैनल लगाए जाएं और भविष्य में प्रदेश के सभी खेल परिसरों में सोलर ऊर्जा आधारित व्यवस्था विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जाए। यह पहल न केवल ऊर्जा लागत को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्माण पर जोर
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरे खेल परिसर का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के मानकों को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सुविधाएं विश्वस्तरीय होंगी, तो राज्य में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करना आसान होगा। इससे खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और मध्यप्रदेश की पहचान वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूत होगी।
साइनेज, कैफेटेरिया और अन्य सुविधाओं में तेजी के निर्देश
मंत्री सारंग ने परिसर में साइनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक समर्पित प्रोजेक्ट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और आगंतुकों को दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से उपलब्ध होने चाहिए। इसके साथ ही परिसर के भीतर उपयुक्त स्थान पर कैफेटेरिया निर्माण की भी बात कही, ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। विद्युत व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, हॉर्टिकल्चर कार्य, अतिरिक्त प्रवेश द्वार और बाउंड्री वॉल के समानांतर सड़क निर्माण सहित अन्य सभी कार्यों के लिए अलग-अलग परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए।
पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि परिसर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित की जा रही है। साथ ही, अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थापना की जा रही है। अतिरिक्त प्रवेश द्वार बनाए जाने से आमजन, फायर ब्रिगेड और पार्किंग क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसी किसी भी संबद्ध एजेंसी को भुगतान करने से पहले खेल विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करे और सभी उपकरणों की खरीद से पहले विभागीय स्वीकृति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


