नई दिल्ली : आईपीएल 2026 के 57 मुकाबले पूरे हो चुके हैं और प्लेऑफ की रेस बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। इसी बीच चेन्नई सुपर किंग्स को बड़ा झटका लगा है, जिसके लिए प्लेऑफ का समीकरण अब काफी दिलचस्प बना हुआ है। टीम शुरुआत से ही चोट की समस्याओं से जूझ रही है और अब सीजन के अहम चरण में उसके स्टार ऑलराउंडर जेमी ओवरटन जांघ की चोट के कारण अपने देश लौट गए हैं। ओवरटन ने इस सीजन चेन्नई के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और टीम की कई मुकाबलों में अहम भूमिका निभाई थी।
जेमी ओवरटन ने सीजन के 10 मैचों में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए 136 रन बनाए और 14 विकेट झटके हैं। ऐसे में जब प्लेऑफ के टिकट के लिए उठापटक जारी है, उस समय ओवरटन का टीम से बाहर होना, पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। इससे पहले टीम खलील अहमद को भी बीच सीजन इंजरी के कारण गंवा चुकी हैं और इन फॉर्म युवा खिलाड़ी आयुष म्हात्रे भी टीम से बाहर हुए थे।
फ्रेंचाइजी ने खिलाड़ी की चोट पर दिया बड़ा अपडेट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “ऑफिशियल अनाउंसमेंट: जेमी ओवरटन के बाएं पैर की जांघ में चोट है और आगे के इलाज के लिए वह यूके लौटेंगे।” फ्रेंचाइजी ने ओवरटन की तस्वीर के साथ ‘Recover. Rise’ संदेश भी साझा किया। इससे कुछ घंटे पहले ही टीम ने चोटिल रामकृष्ण घोष की जगह मैकनील नोरोन्हा को 30 लाख रुपये में टीम में शामिल किया था। ओवरटन ने इस सीजन सीएसके के लिए गेंद और बल्ले दोनों से कमाल किया था। उन्होंने पिछले पांच मैचों में 6 विकेट झटके हैं। वहीं बल्ले से भी कई मौकों पर उन्होंने उपयोगी रन बनाए हैं। ऐसे में अब फ्रेंचाइजी ओवरटन के बिना किस कॉम्बिनेशन के साथ उतरेगी, यह देखने वाली बात होगी।
CSK के लिए क्या है प्लेऑफ का समीकरण?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चेन्नई सुपर किंग्स ने अब तक 11 मुकाबले खेले हैं, जिसमें टीम को 6 जीत और 5 हार मिली हैं। फिलहाल सीएसके के 12 अंक हैं और टीम प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है। चेन्नई के अगले तीन मुकाबले लखनऊ सुपर जायंट्स, सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने हैं। अगर सीएसके को बिना किसी खतरे के प्लेऑफ में जगह पक्की करनी है तो उसे अपने तीनों मैच जीतने होंगे। वहीं अगर टीम तीन में से सिर्फ दो मुकाबले जीतती है, तो उसे नेट रनरेट और दूसरी टीमों के परिणामों पर निर्भर रहना पड़ेगा।


