नई दिल्ली. इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 सीजन का समापन बेहद रोमांचक अंदाज में हुआ, जहां आखिरी दिन पांच टीमें खिताब की दौड़ में थीं। अंततः ईस्ट बंगाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 साल बाद राष्ट्रीय लीग खिताब अपने नाम किया। क्लब ने बेहतर गोल अंतर के आधार पर अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान को पीछे छोड़ते हुए पहली बार ISL ट्रॉफी जीती।
कोच ऑस्कर ब्रूज़ोन के मार्गदर्शन में ईस्ट बंगाल ने पूरे सीजन आक्रामक और आकर्षक फुटबॉल खेली। टीम के स्टार खिलाड़ी यूसेफ एजेज्जारी ने गोल्डन बूट जीता, जबकि मिगुएल फिगुएरा सबसे ज्यादा असिस्ट करने वाले खिलाड़ी रहे। मोहम्मद राशिद ने मिडफील्ड में शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्णायक मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई। दूसरी ओर मोहन बागान, पंजाब एफसी, मुंबई सिटी एफसी और जमशेदपुर एफसी भी अंतिम दिन तक खिताब की दौड़ में बने रहे।
हालांकि यह सीजन मैदान के बाहर भारी अव्यवस्थाओं और अनिश्चितताओं से भी घिरा रहा। लीग की शुरुआत में देरी, अधूरा प्री-सीजन, बदला हुआ शेड्यूल और आर्थिक संकट ने क्लबों और खिलाड़ियों को परेशान किया। कई टीमों को वेतन कटौती और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। यहां तक कि कुछ क्लबों ने भविष्य में लीग में भागीदारी को लेकर भी चिंता जताई है।
सीजन खत्म होने के बाद अब सबकी नजरें भारतीय फुटबॉल के भविष्य पर हैं। जीनियस स्पोर्ट्स ने लीग के व्यावसायिक अधिकार हासिल कर लिए हैं, जबकि AIFF और क्लबों के बीच लगातार बैठकें चल रही हैं। बावजूद इसके, अगले सीजन को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। फिर भी ISL 2026 का यह सीजन भारतीय फुटबॉल इतिहास के सबसे नाटकीय और चर्चित सीजन में गिना जाएगा।


