नई दिल्ली : पूजा ढांडा को भरोसा है कि आने वाले एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कई पदक जीतेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता पूजा ढांडा ने बातचीत में भारत को दोबारा कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने, भारतीय रेसलिंग के बदलते माहौल, बच्चों में बढ़ती खेल संस्कृति और विनेश फोगाट की वापसी जैसे कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। साल 2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूजा ढांडा ने कहा कि भारतीय रेसलिंग अब धीरे-धीरे फिर से सही दिशा में लौट रही है। उनका मानना है कि देश के पहलवान आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में कई पदक डाल सकते हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी को लेकर पूजा ढांडा का बयान
पूजा ढांडा ने भारत को फिर से कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह देश के खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि जब साल 2010 में भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित हुए थे, तब उन्होंने पहली बार इस बड़े मंच पर खेलने का सपना देखा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूजा ढांडा ने कहा कि उस समय वह काफी छोटी थीं और भारत में इतनी बड़ी प्रतियोगिता होते देख उनके मन में इसे जीतने की इच्छा जागी। उसी प्रेरणा ने उन्हें अपनी मेहनत और बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, ताकि एक दिन वह भी देश के लिए मेडल जीत सकें।
दरअसल, जब कोई चीज अपने घर में होती है तो कहीं न कहीं बढ़-चढ़कर बड़े चाव के साथ बच्चे प्रैक्टिस करते हैं कि हमें अपना सौ फीसदी देना है और गोल्ड मेडल ही जीतना है। तो निःसंदेह हमारे देशवासियों और हमारे खिलाड़ियों का फायदा होगा। खिलाड़ी जी-जान लगाकर मैदान पर उतरेंगे और मुझे उम्मीद है कि हमारे खिलाड़ी अब तक का सर्वश्रेष्ठ परिणाम लेकर आएंगे।
रेसलिंग करियर के सबसे बेहतरीन पल पर क्या बोलीं पूजा ढांडा?
पूजा ढांडा ने अपने करियर के सबसे यादगार पल को याद करते हुए कहा कि साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए रजत पदक जीतना उनकी जिंदगी का सबसे अहम क्षण था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि उस उपलब्धि ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। पूजा ढांडा के मुताबिक उस पदक ने उन्हें सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से नई पहचान और सम्मान दिलाया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि आज उनकी जीवनशैली में जो बदलाव नजर आता है, उसके पीछे उसी उपलब्धि का बड़ा योगदान है और वह हर पल उस खास क्षण के लिए खुद को भाग्यशाली मानती हैं।
एशियन गेम्स में भारतीय पहलवानों से कितनी उम्मीदें?
भारत की रेसलिंग काफी बढ़ी है। पहले जो नतीजे आए हैं, उससे बेस्ट परिणाम इस समय जो हमारे खिलाड़ी हैं उनसे देने की उम्मीद है। मैं उन सभी को शुभकामनाएं देना चाहती हूं कि वह एशियाई खेलों में अपना बेस्ट करें, क्योंकि इंडिया किसी से पीछे नहीं है। इंडिया के पास हर सुविधाएं हैं। मेहनत की भी कोई कमी नहीं है। किसी भी चीज की हमारे पास कोई कमी नहीं है। बिल्कुल पूरी उम्मीद है कि न सिर्फ कुश्ती से बल्कि सभी खेलों से बहुत ही अच्छे नतीजे मिलेंगे और अनेकों मेडल हम जीतेंगे।
बच्चों को ट्रेनिंग देने के अनुभव पर क्या बोलीं पूजा?
पहले और अब में फर्क यह है कि वर्तमान में माता-पिता बहुत छोटी उम्र से ही बच्चों को खेल में डाल रहे हैं, जिससे उनकी फिटनेस बरकरार हो और वे बड़े खिलाड़ी बन सकें। पहले ऐसा होता था कि बड़ी उम्र के बाद थोड़ा सा मुश्किलें आती थीं। अब बच्चे चूंकि शुरुआत से ही 3-4 साल से ही खेलों में आ रहे हैं तो उनका फिटनेस लेवल अलग ही हो जाता है। उनकी अचीवमेंट जल्दी आने लग जाती हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है कि यंगस्टर्स में आगे बढ़ने की बहुत ज्यादा उत्सुकता है। निःसंदेह आने वाले ओलंपिक खेलों, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में हम देखेंगे कि आज से 10-15 साल बाद बहुत अच्छा कर रहे हैं और इसका फायदा हमें वहां मिलेगा।
खेलों में शुरुआती ट्रेनिंग को लेकर पूजा ढांडा का बड़ा बयान
कुश्ती में ऐसा नहीं है कि हमें जाते ही बच्चे को मैट पर डालना है। अगर हमारे पास छोटे से छोटा बच्चा आता है तो हमारे पास फिटनेस के बहुत से विकल्प होते हैं। हम उन्हें अलग अलग फिटनेस जोन में डालते हैं, ताकि उनका फिटनेस लेवल डेवलप हो और वे धीरे-धीरे रेसलिंग की तरफ बढ़ सकें, क्योंकि कुश्ती एक टफ गेम है। रेसलिंग पावर वाला गेम है तो आप सीधे किसी भी बच्चे को रेसलिंग में नहीं डाल सकते हैं। उससे पहले उसके कुछ फिटनेस टेस्ट होते हैं। उसके हिसाब से हम रेसलिंग के लिए तैयार करते हैं। तो अगर आप चाहो तो अपने बच्चे को 4-5 साल की उम्र से भी रेसलिंग में डाल सकते हैं, क्योंकि फिटनेस एक ऐसी चीज है जो जन्म से आती है।
भारतीय रेसलिंग के बदलते माहौल पर पूजा ढांडा का बड़ा बयान
भारतीय रेसलिंग कुछ समय के लिए डिस्टर्ब हुई थी, लेकिन अब फिर से अपनी गति पकड़ रही है। हमें उम्मीद है कि आने वाले खेलों में पुराने विवादों का कोई असर नहीं पड़ेगा और हमारे खिलाड़ी बड़ी संख्या में मेडल जीतेंगे।
विनेश फोगाट मामले पर क्या बोलीं पूजा ?
विनेश फोगाट का वापसी करना बहुत बड़ी बात है। उनको हमारी तरफ से शुभकामनाएं कि वह आगे भी देश के लिए अच्छा करें। बहुत बहुत धन्यवाद।


