रायपुर। छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। राज्य में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने जा रही प्रतिष्ठित ईस्टर्न स्लैम स्क्वैश चैंपियनशिप का आधिकारिक लोगो आज छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा अनावरण किया गया। यह आयोजन न केवल प्रदेश में स्क्वैश खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर भी एक मजबूत पहचान दिलाएगा।
लोगो अनावरण समारोह में छत्तीसगढ़ स्क्वैश एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. विष्णु कुमार श्रीवास्तव, उज्ज्वल दीपक एवं राहुल साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयोजन की भव्यता, तैयारियों और खिलाड़ियों की भागीदारी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।
22 से 27 जून तक रायपुर में होगा खेल का महाकुंभ
प्रतिष्ठित ईस्टर्न स्लैम का आयोजन 22 से 27 जून तक बूढ़ापारा स्थित स्क्वैश कॉम्प्लेक्स में किया जाएगा। यह प्रतियोगिता भारत में स्क्वैश की सबसे प्रतिष्ठित रैंकिंग स्पर्धाओं में से एक मानी जाती है। टूर्नामेंट को स्क्वैश रैकेट फेडरेशन ऑफ इंडिया की 5-स्टार रैंकिंग प्रतियोगिता का दर्जा प्राप्त है, वहीं इसे एशियन स्क्वैश फेडरेशन और प्रोफेशनल स्क्वैश एसोसिएशन की मान्यता भी प्राप्त है।
यह मान्यता इस प्रतियोगिता की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक स्तर को दर्शाती है, जिससे देश-विदेश के शीर्ष खिलाड़ी रायपुर की धरती पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
3 देशों और 21 राज्यों के 349 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
ईस्टर्न स्लैम 2026 में कुल 349 खिलाड़ी भाग लेने जा रहे हैं, जो भारत के 21 राज्यों और 3 देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे। खिलाड़ियों की इतनी बड़ी भागीदारी यह साबित करती है कि यह प्रतियोगिता अब राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर रही है।
टूर्नामेंट में 2000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है, जो इसे देश के प्रमुख स्क्वैश आयोजनों की श्रेणी में स्थापित करती है। खिलाड़ियों के लिए यह न केवल रैंकिंग अंक अर्जित करने का अवसर होगा, बल्कि उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा में स्वयं को साबित करने का भी मंच बनेगा।
खेल संस्कृति को मिलेगी नई मजबूती
लोगो अनावरण के अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों की मेजबानी कर रहा है और अब स्क्वैश जैसे तेजी से लोकप्रिय हो रहे खेल में भी राज्य अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
उन्होंने कहा कि ईस्टर्न स्लैम जैसे आयोजन प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्रदान करेंगे तथा युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेंगे। ऐसे आयोजन राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के साथ-साथ खेल अधोसंरचना के विकास को भी गति देंगे।
छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान
छत्तीसगढ़ स्क्वैश एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार प्रतियोगिता की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। देश और विदेश से आने वाले खिलाड़ियों, अधिकारियों और तकनीकी स्टाफ के स्वागत एवं आवास सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
ईस्टर्न स्लैम केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की खेल क्षमता, संगठनात्मक दक्षता और खेलों के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह आयोजन राज्य के उभरते खिलाड़ियों को अपने घर में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा देखने और उसमें हिस्सा लेने का अवसर देगा। साथ ही, रायपुर को देश के प्रमुख स्क्वैश केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
ईस्टर्न स्लैम 2026 के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर यह संदेश देने के लिए तैयार है कि अब राज्य केवल खेल प्रतिभाओं को जन्म ही नहीं देता, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के भव्य आयोजनों की सफल मेजबानी करने में भी सक्षम है।


