फीफा का बड़ा फैसला, वर्ल्ड कप 2026 होगा पहले से भी ज्यादा रोमांचक

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नई दिल्ली : FIFA World Cup 2026 में फुटबॉल फैंस को एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब तक मैच 45-45 मिनट के दो हाफ में खेले जाते थे, जिनके बीच 15 मिनट का ब्रेक होता था, लेकिन 2026 विश्व कप में खिलाड़ियों की फिटनेस और बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए एक नया नियम लागू किया जाएगा। नए नियम के तहत हर मैच में दोनों हाफ के दौरान अनिवार्य वॉटर ब्रेक दिए जाएंगे। पहला ब्रेक पहले हाफ के 22वें मिनट में और दूसरा ब्रेक दूसरे हाफ के 67वें मिनट में होगा। खास बात यह है कि ये ब्रेक मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर नहीं होंगे, बल्कि हर मुकाबले में अनिवार्य रूप से लागू किए जाएंगे। इससे खिलाड़ियों को बेहतर रिकवरी का मौका मिलेगा और मैच का रोमांच भी नए अंदाज में देखने को मिलेगा।

इस बार फीफा वर्ल्ड कप का आयोजन अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में किया जाएगा और यहां पर गर्मी होगी। गर्मी में होने वाले इस टूर्नामेंट को देखते हुए फीफा के लिए गर्मी से बचाव और खिलाड़ियों की सेहत का ध्यान रखना सबसे बड़ी चिंता बन गई है। ऐसे में फीफा ने एक जैसा नियम अपनाने का फैसला किया है जिसे हर मैच में लागू किया जाएगा। इन ब्रेक की वजह से इस गर्मी में फुटबॉल काफी हद तक हॉकी, बास्केटबॉलर और अमेरिकन फुटबॉल जैसा लगेगा।

वर्ल्ड कप 2026 से पहले फीफा ने बदले ब्रेक के नियम

फीफा के इस नए फैसले के बाद फुटबॉल का स्वरूप पहले की तुलना में काफी अलग नजर आ सकता है। अब खिलाड़ियों को लगातार 45 मिनट तक बिना रुके खेलने के बजाय हर हाफ के दौरान एक अतिरिक्त ब्रेक मिलेगा, जिससे उन्हें रणनीति पर चर्चा करने और ऊर्जा हासिल करने का मौका मिलेगा। इस बदलाव के चलते फुटबॉल कुछ हद तक चार क्वार्टर वाले खेल जैसा महसूस होगा। हॉकी में यह व्यवस्था लंबे समय से लागू है, जहां कोच क्वार्टर ब्रेक का इस्तेमाल टीम की रणनीति में बदलाव, डिफेंसिव सेटअप को मजबूत करने और मैच की गति को नियंत्रित करने के लिए करते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, माना जा रहा है कि फुटबॉल में भी यह नियम टीमों को सामरिक बदलाव करने और खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद करेगा।

अब फुटबॉल मैनेजरों के पास भी कुछ ऐसा ही है। तीन मिनट सुनने में भले ही ज्यादा नहीं लगे, लेकिन ऊंचे स्तर पर, यह नए निर्देश देने, दबाव में खेल रहे खिलाड़ियों को शांत करने या पिच पर पैदा हो रही रणनीतिक समस्याओं पर प्रतिक्रिया देने के लिए काफी समय होगा। हाइड्रेशन ब्रेक से कोचिंग का तरीका भी बदल सकता है। जहाँ खिलाड़ी टचलाइन के बाहर कदम नहीं रख सकते, वहीं यूएसए के कोच मौरिसियो पोचेटिनो ने हाल ही के एक मैच के दौरान मैदान पर ही अपनी टीम को एक लैपटॉप के चारों ओर इकट्ठा करके टैक्टिकल फुटेज का रिव्यू किया।

यानी हाफ टाइम तक इंतजार करने के बजाय कोच अब रियल टाइम में विजुअल फीडबैक दे सकते हैं। इसलिए बेंच के पीछे बैठे एनालिस्ट अब पहले से कहीं ज्यादा असरदार हो जाएंगे और मैनेजरों के सिर्फ टचलाइन से चिल्लाकर निर्देश देने के दिन शायद अब बीतने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फीफा ने ब्रॉडकास्टर्स को अनिवार्य रुकावटों के दौरान विज्ञापन दिखाने की अनुमति दे दी है। इसके नियम बहुत सोच-समझकर बनाए गए हैं। अगर ब्रॉडकास्टर्स स्प्लिट-स्क्रीन कवरेज का इस्तेमाल करते हैं और मैच को दिखाते रहते हैं, तो सिर्फ फीफा के पार्टनर और वर्ल्ड कप के आधिकारिक स्पॉन्सर ही विज्ञापन दे सकते हैं। अगर वे मैच का फीड पूरी तरह से हटा देते हैं, तो ब्रॉडकास्टर्स वह स्लॉट दूसरे विज्ञापनदाताओं को बेच सकते हैं।

FIFA World Cup 2026 में हाइड्रेशन ब्रेक को लेकर प्रसारण से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब रेफरी हाइड्रेशन ब्रेक की सीटी बजाएगा तो उसके 20 सेकंड के भीतर विज्ञापन प्रसारित नहीं किए जा सकेंगे। वहीं खेल दोबारा शुरू होने से कम से कम 30 सेकंड पहले ब्रॉडकास्टर्स को लाइव मैच कवरेज पर लौटना अनिवार्य होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस विश्व कप में कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे और प्रत्येक मैच में दो अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक होंगे, यानी हर हाफ में एक। प्रत्येक ब्रेक की अवधि तीन मिनट होगी। इस तरह पूरे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को कुल 208 हाइड्रेशन ब्रेक मिलेंगे, जो मिलाकर 624 अतिरिक्त मिनट का समय बनता है। यह फैसला खिलाड़ियों की फिटनेस और बेहतर रिकवरी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

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