नई दिल्ली. अफगानिस्तान के खिलाफ 6 जून से मुल्लांपुर में शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम के सहायक कोच रायन टेन डोशेट ने स्वीकार किया है कि टीम अब तक टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 बल्लेबाजी क्रम के लिए स्थायी खिलाड़ी तय नहीं कर पाई है। उन्होंने माना कि यह एक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण भूमिका है, जिस पर पहले ही स्पष्टता आ जानी चाहिए थी। रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल सलामी बल्लेबाज के रूप में स्थापित हो चुके हैं, जबकि शुभमन गिल नंबर-4 की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लेकिन नंबर-3 स्थान पर पिछले कुछ समय में साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, करुण नायर और यहां तक कि वॉशिंगटन सुंदर को भी आजमाया गया है।
साई सुदर्शन ने इस स्थान पर 11 पारियों में 302 रन बनाए हैं, उनका औसत 27.85 रहा है और उन्होंने दो अर्धशतक लगाए हैं। वहीं देवदत्त पडिक्कल को भी मौके मिले, लेकिन वे अभी तक बड़ा प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। डोशेट ने कहा, “नंबर-3 बल्लेबाजी करना आसान नहीं है। यह टीम के लिए बेहद अहम स्थान है। आदर्श स्थिति यह होती कि हम किसी एक खिलाड़ी पर भरोसा जताकर उसे लगातार मौके देते। शायद यह काम हम पहले बेहतर तरीके से कर सकते थे।”
उन्होंने संकेत दिए कि अफगानिस्तान टेस्ट में नंबर-3 पर खेलने वाले बल्लेबाज को पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे ताकि वह इस भूमिका में खुद को स्थापित कर सके। उनके अनुसार साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल दोनों अच्छे फॉर्म में हैं और चयन के मजबूत दावेदार हैं। सहायक कोच ने आईपीएल से टेस्ट क्रिकेट में बदलाव को भी चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हाल ही में आईपीएल फाइनल खेलने वाले खिलाड़ियों को अब लाल गेंद की क्रिकेट के अनुरूप खुद को ढालना होगा। इसके लिए टीम ने पिछले कुछ दिनों में विशेष तैयारी की है।डोशेट ने कहा कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारत की स्थिति को देखते हुए अब टीम के पास ज्यादा प्रयोग करने का समय नहीं है और नंबर-3 बल्लेबाजी क्रम पर जल्द स्थिरता लाना जरूरी होगा।


