काकामिगाहारा (जापान)। भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम का महिला अंडर-18 एशिया कप 2026 के फाइनल में पहुंचने का सपना शुक्रवार को टूट गया। सेमीफाइनल मुकाबले में भारत और चीन के बीच निर्धारित समय तक 2-2 की बराबरी रही, लेकिन शूटआउट में चीन ने 3-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली। मैच की शुरुआत भारत के लिए शानदार रही। तीसरे मिनट में कप्तान स्वीटी कुजूर के बेहतरीन पास पर नौशीन नाज ने शानदार बैकहैंड शॉट लगाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। पहले क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक खेल दिखाया और चीन को ज्यादा मौके नहीं दिए। दूसरे क्वार्टर में चीन ने वापसी की कोशिश की। 21वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर भारतीय गोलकीपर महक परिहार ने शानदार बचाव किया, लेकिन 24वें मिनट में भारतीय रक्षा पंक्ति की एक गलती का फायदा उठाते हुए ली जेयान ने फील्ड गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
तीसरे क्वार्टर में चीन ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन भारतीय डिफेंस ने मजबूती से खेलते हुए उन्हें बढ़त लेने का मौका नहीं दिया। भारत को भी कुछ अच्छे अवसर मिले, लेकिन टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। चौथे और अंतिम क्वार्टर में चीन ने 48वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए झांग युझेंग के गोल की बदौलत 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। हालांकि भारतीय टीम ने हार नहीं मानी और 54वें मिनट में किरण एक्का ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर मुकाबला 2-2 से बराबर कर दिया।
निर्धारित समय तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, जिसके बाद विजेता का फैसला शूटआउट से हुआ। शूटआउट में चीन की गोलकीपर लियू शुए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय खिलाड़ियों को लगातार रोका। चीन की ओर से लू टोंग टोंग, गे चेन और गुओ जियाक्सिन ने अपने प्रयास सफल किए, जबकि भारत की ओर से केवल संदीपा कुमारी ही गोल कर सकीं। चीन ने शूटआउट 3-1 से जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। अब भारतीय टीम कांस्य पदक के लिए खेलेगी। भारत का मुकाबला 6 जून को दूसरे सेमीफाइनल में हारने वाली टीम, जापान या कोरिया, से भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे होगा।


