नई दिल्ली : फुटबॉल का सबसे बड़ा आयोजन यानी फीफा विश्व कप शुरू होने में अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं। इस बार का यह फुटबॉल महाकुंभ कई मायनों में पिछले 96 वर्षों के सभी आयोजनों से अलग और ऐतिहासिक माना जा रहा है। 39 दिनों तक चलने वाला यह विश्व कप पहली बार तीन देशों की संयुक्त मेजबानी में आयोजित किया जा रहा है। इसके साथ ही पहली बार 48 टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे प्रतियोगिता का रोमांच और भी बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तकनीक के लिहाज से भी यह विश्व कप बेहद खास होने वाला है, जिसमें कई आधुनिक और उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस लेख में हम ऐसी ही पांच प्रमुख तकनीकों के बारे में बता रहे हैं, जो इस बार के टूर्नामेंट को और अधिक आकर्षक और भविष्यवादी बनाएंगी।
रोबो डॉग्स संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मैक्सिको पुलिस ने विशेष रोबो डॉग्स को तैनात किया है। इन्हें ग्वाडालूप नगर परिषद द्वारा लगभग 145,000 डॉलर की लागत से खरीदा गया है। ये रोबोटिक डॉग्स किसी भी आपात स्थिति, जैसे दंगे या भीड़ में गड़बड़ी होने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर सुरक्षा बलों को लाइव वीडियो फीड भेजेंगे, जिससे अधिकारी स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई तय कर सकेंगे। यह तकनीक बड़े आयोजनों में सुरक्षा और निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मैच बॉल करेगी हर मूवमेंट की निगरानी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस बार फीफा विश्व कप की आधिकारिक मैच बॉल का नाम ‘ट्रायोंडा’ रखा गया है। इस विशेष फुटबॉल में इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट (IMU) सेंसर लगाया गया है, जो प्रति सेकेंड 500 बार डेटा वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) सिस्टम को भेजता है। यह तकनीक गेंद की हर 3डी गतिविधि को रिकॉर्ड करती है, जिससे मैच के दौरान सटीक और त्वरित विश्लेषण संभव हो पाता है। इसके जरिए ऑफसाइड जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों को अधिक सही तरीके से लिया जा सकता है, जिससे खेल में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ती है।
एडवांस ऑफसाइड तकनीक से फैसले होंगे और भी सटीक
इस विश्व कप में लाइनमैन की भूमिका को काफी हद तक एडवांस सेमी-ऑटोमेटेड ऑफसाइड तकनीक द्वारा बदला जाएगा। यह नई प्रणाली गेंद और खिलाड़ियों की स्थिति का अत्याधुनिक सेंसर और कैमरा तकनीक के जरिए विश्लेषण करके ऑफसाइड का निर्णय लेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह तकनीक पुरानी व्यवस्था की तुलना में अधिक सटीक मानी जा रही है और लगभग 10 सेंटीमीटर तक की सटीकता के साथ फैसला देने में सक्षम होगी। इसके अलावा, यह सिस्टम वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय सीधे मैदान पर मौजूद रेफरी के ईयरपीस में रियल टाइम ऑडियो अलर्ट भेजेगा, जिससे निर्णय प्रक्रिया और तेज तथा अधिक प्रभावी हो जाएगी।
एआई वाला 3डी प्लेयर अवतार
फीफा ने एआई बेस्ड 3डी प्लेयर ‘अवतार’ लॉन्च किया है। यह हर खिलाड़ी के शरीर के डिजिटल स्कैन का 3डी मॉडल बनाएगा। इसका उपयोग खिलाड़ियों के बाधा डालने या ऑफसाइड जाने पर उन्हें ट्रैक करने के लिए होगा।
रेफरी के बॉडी कैमरे से मिलेगा लाइव मैच का नया अनुभव
फीफा विश्व कप के सभी 104 मैचों में रेफरी कई प्रमुख लीगों की तरह बॉडी कैमरों का उपयोग करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस तकनीक के जरिए मैच के दौरान रेफरी के दृष्टिकोण से लाइव फुटेज रिकॉर्ड की जाएगी, जिससे खेल की हर गतिविधि को बेहद नजदीक से देखा जा सकेगा। इससे प्रशंसकों को मैदान पर होने वाले एक्शन का ऐसा अनुभव मिलेगा मानो वे स्वयं उसी स्थान पर मौजूद हों। यह पहल दर्शकों के लिए मैच देखने के अनुभव को और अधिक रोमांचक और वास्तविक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


