प्रज्ञानानंद को मिला सम्मान, अतिका मीर से मुलाकात में दिखी खेल प्रतिभा की झलक

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नई दिल्ली : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद से मुलाकात की। प्रज्ञानानंद ने हाल ही में नॉर्वे शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु खेल प्राधिकरण की ओर से उन्हें 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय शतरंज के युवा सितारे प्रज्ञानानंद ने इतिहास रचते हुए प्रतिष्ठित नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने अंतिम राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।

प्रज्ञानानंद का शानदार प्रदर्शन

20 वर्षीय प्रज्ञानंद ने अंतिम दिन बेहद दबाव में खेलते हुए क्लासिकल जीत दर्ज की, जिसके उन्हें पूरे 3 अंक मिले। इस जीत के साथ उन्होंने कुल 18 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर खिताब अपने नाम कर लिया था। इस जीत की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि प्रज्ञानंद ने इस टूर्नामेंट में विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को दो बार क्लासिकल मुकाबलों में हराया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह उपलब्धि किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बेहद खास मानी जा रही है। इतना ही नहीं, इस टूर्नामेंट में भारतीय विश्व चैंपियन डी गुकेश भी हिस्सा थे, लेकिन वह खिताब की दौड़ से बाहर हो गए। इसके बावजूद प्रज्ञानंद ने भारत की उम्मीदों को जिंदा रखते हुए शानदार प्रदर्शन किया।

खेल मंत्री ने अतिका मीर को दिया आश्वासन, बढ़ेगा समर्थन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीस में चैंपियंस ऑफ द फ्यूचर एकेडमी (सीओटीएफए) के दूसरे दौर में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारत की 11 वर्षीय रेसर अतिका मीर ने खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की। मांडविया ने अपने आवास पर अतिका और उनके परिवार से मुलाकात कर इस युवा रेसर को भविष्य में फॉर्मूला वन तक पहुंचने के सफर में हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। मुंबई में जन्मी अतिका मीर को फॉर्मूला वन अकादमी का भी समर्थन प्राप्त है। गौरतलब है कि 1992 के बाद से कोई भी महिला ड्राइवर फॉर्मूला वन रेस में भाग नहीं ले सकी है, ऐसे में अतिका का यह सफर भारतीय मोटरस्पोर्ट्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अतिका मीर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सर, प्रोत्साहन और बहुमूल्य सलाह के लिए आभार। माननीय मंत्री ने मेरे हाल के प्रदर्शनों की सराहना की। उन्होंने मुझे फॉर्मूला वन में जगह बनाने के मेरे सपने को साकार करने में हर संभव मदद और समर्थन का आश्वासन भी दिया है।” अतिका ने मई के अंतिम सप्ताह में सीओटीएफए के इतिहास में राउंड 2.2 में क्वालिफाइंग और हीट दोनों में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद फाइनल में बड़े अंतर से जीत दर्ज कर यह उपलब्धि हासिल की थी, और वह इस चैंपियनशिप में जीतने वाली केवल तीसरी ड्राइवर बनीं। वहीं, मनसुख मांडविया भारत में फॉर्मूला वन की वापसी को लेकर भी उत्सुक हैं। भारत ने आखिरी बार 2013 में फॉर्मूला वन की मेजबानी की थी।

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