पेरिस : जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने वर्षों की निराशा और लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीत लिया। उन्होंने रविवार को फ्रेंच ओपन पुरुष एकल फाइनल में इटली के फ्लावियो कोबोली को कड़े और रोमांचक मुकाबले में हराया। यह मैच लगभग चार घंटे 16 मिनट तक चला, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। ज्वेरेव ने यह फाइनल 6-1, 4-6, 6-4, 6-7(5), 6-1 से जीतकर रोलां गैरो का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया और अपने करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर हासिल किया।
29 वर्षीय ज्वेरेव के करियर का यह सबसे बड़ा क्षण रहा। इससे पहले वह तीन बार ग्रैंडस्लैम फाइनल में हार चुके थे, जिसमें 2024 का फ्रेंच ओपन फाइनल भी शामिल था। इस जीत के साथ वह पिछले 30 वर्षों में ग्रैंडस्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले 1996 में बोरिस बेकर ने आस्ट्रेलियन ओपन जीता था।
पहले सेट में ज्वेरेव ने कोबोली पर डाला दबाव
फिलिप चैट्रियर कोर्ट पर खेले गए फाइनल में ज्वेरेव ने शानदार शुरुआत की। उन्होंने पहले सेट में कोबोली को पूरी तरह दबाव में रखते हुए 6-1 से जीत दर्ज की। हालांकि 10वीं वरीयता प्राप्त कोबोली ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की। सातवें गेम में सर्विस ब्रेक हासिल कर उन्होंने सेट 6-4 से जीत लिया और मुकाबला बराबरी पर ला दिया।
तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन कोबोली की एक अनफोर्स्ड गलती ने ज्वेरेव को सेट प्वाइंट दे दिया, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाकर 6-4 से सेट अपने नाम किया। चौथे सेट में ज्वेरेव एक समय मजबूत स्थिति में थे, लेकिन दबाव के क्षणों में उनकी लय बिगड़ गई। टाईब्रेक में कोबोली ने आक्रामक खेल दिखाते हुए सेट जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक खींच दिया।
एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने सूझबूझ से बदला मैच का रुख
निर्णायक सेट में ज्वेरेव का अनुभव और मानसिक मजबूती काम आई। उन्होंने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बना लिया और कोबोली को कोई मौका नहीं दिया। 6-1 से सेट जीतकर उन्होंने अपने करियर का बहुप्रतीक्षित पहला ग्रैंडस्लैम खिताब हासिल कर लिया। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। ज्वेरेव ने अपने 125वें ग्रैंडस्लैम मैच जीत के बाद पहला मेजर खिताब जीता। इससे पहले किसी खिलाड़ी ने अपने पहले ग्रैंडस्लैम खिताब के लिए इतनी अधिक जीत का इंतजार नहीं किया था। टूर्नामेंट में इस बार कई बड़े उलटफेर हुए।
कई शीर्ष खिलाड़ी बाहर, ज्वेरेव ने जीता फ्रेंच ओपन
कार्लोस अल्कराज की अनुपस्थिति में विश्व नंबर एक जानिक सिनर और 24 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता नोवाक जोकोविच दूसरे सप्ताह से पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। इसके बाद एलेक्जेंडर ज्वेरेव पर खिताब जीतने का दबाव और उम्मीद दोनों काफी बढ़ गई थीं। हालांकि, ज्वेरेव ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। फ्रेंच ओपन 2026 का यह खिताब न केवल ज्वेरेव के लिए एक ऐतिहासिक पल है, बल्कि इसे जर्मन टेनिस के लिए भी एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।


