पहले बल्लेबाजी करते हुए जबलपुर रॉयल लायंस ने अजय रोहेरा की विस्फोटक पारी की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट पर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। रोहेरा ने महज 65 गेंदों पर नाबाद 130 रन बनाए और अपनी टीम को 200 रन के पार पहुंचाया।
लायंस की शुरुआत शानदार रही और सलामी बल्लेबाज अर्पित गौड़ तथा रोहेरा ने पहले विकेट के लिए पांच ओवर के भीतर 48 रन जोड़े। हालांकि, गौड़ के 22 रन पर आउट होने के बाद टीम के नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से स्कोर 74/4 हो गया।

इसके बाद रोहेरा और वेदांत अवस्थी ने पांचवें विकेट के लिए 30 रन जोड़कर पारी को संभालने का प्रयास किया। अवस्थी ने 11 गेंदों पर तेज़ 20 रन बनाए, लेकिन जल्द ही आउट हो गए। दूसरे छोर पर विकेट गिरने के बावजूद रोहेरा ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने शानदार शतक जड़ा और पूरे मैच के दौरान गेंदबाजों पर हावी रहे। उनकी यह पारी इस सीजन का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी बन गई। रोहेरा की नाबाद पारी में नौ चौके और नौ छक्के शामिल रहे। अंत में संजोग निज्जर ने 15 गेंदों पर नाबाद 24 रन बनाकर उपयोगी योगदान दिया और टीम को 200 रन के आंकड़े के पार पहुंचाने में मदद की। मालवा स्टैलियंस की ओर से प्रशांत कसड़े सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 26 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
206 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मालवा स्टैलियंस की शुरुआत खराब रही और टीम ने पहले तीन ओवर में ही 17 रन पर दो विकेट गंवा दिए। इसके बाद सक्षम पुरोहित और आशुतोष शर्मा ने तीसरे विकेट के लिए 75 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की, लेकिन कप्तान आशुतोष शर्मा के 30 रन बनाकर आउट होने के बाद मैच का रुख फिर से जबलपुर रॉयल लायंस की ओर मुड़ गया। इसके बाद स्टैलियंस लगातार विकेट गंवाती रही और 15 ओवर तक उनका स्कोर 113/6 हो गया।अखिल निगोटे यादव और सचिन विश्वकर्मा ने सातवें विकेट के लिए 24 रन जोड़कर संघर्ष किया, लेकिन पुनीत दाते ने अखिल को 17 रन के निजी स्कोर पर आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया। अंततः मालवा स्टैलियंस की पूरी टीम 18.4 ओवर में 151 रन पर सिमट गई।
जबलपुर रॉयल लायंस की ओर से पुनीत दाते ने 3.4 ओवर में 19 रन देकर तीन विकेट हासिल किए, जबकि नयन मेवाड़ा ने भी चार ओवर में 28 रन देकर तीन विकेट चटकाए। अपनी शतकीय पारी पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय रोहेरा ने कहा कि, “टीम में मेरी भूमिका बिल्कुल स्पष्ट है, जिम्मेदारी लेना और अंत तक बल्लेबाजी करना। स्ट्राइक रेट महत्वपूर्ण है, लेकिन सबसे बड़ा लक्ष्य टीम को जीत दिलाना होता है। मैच से पहले हमारी योजना सरल थी, गेंद के अनुसार खेलना, परिस्थितियों का आकलन करना और मैच की मांग के अनुसार सकारात्मक प्रतिक्रिया देना।”


