नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 में सोमवार का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-जी के मुकाबले में ईरान और न्यूजीलैंड ने 2-2 से ड्रॉ खेला। इस नतीजे के साथ विश्व कप में 68 साल पुराना एक अनोखा रिकॉर्ड टूट गया। 1958 के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब एक ही दिन खेले गए सभी मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए।
दिन की शुरुआत स्पेन और केप वर्डे के गोलरहित ड्रॉ से हुई थी। इसके बाद बेल्जियम और मिस्र का मुकाबला 1-1 से बराबरी पर रहा। उरुग्वे और सऊदी अरब ने भी 1-1 से अंक बांटे। आखिर में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच 2-2 का रोमांचक मुकाबला खेला गया और इसी के साथ चार मैचों के चार ड्रॉ का दुर्लभ रिकॉर्ड बन गया।
मुकाबले की शुरुआत न्यूजीलैंड ने शानदार अंदाज में की। टीम को सातवें मिनट में बढ़त मिली, जब कप्तान क्रिस वुड के बेहतरीन पास पर एलिजाह जस्ट ने गोल दाग दिया। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास बढ़ गया और उसने लगातार ईरान के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा।
गोल खाने के बाद ईरान ने आक्रामक रुख अपनाया। उसके खिलाड़ियों ने लगातार हमले किए और 32वें मिनट में टीम को सफलता मिली। रामिन रेजाइयान ने करीब से गोल करते हुए स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद ईरानी समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
दूसरे हाफ की शुरुआत के बाद न्यूजीलैंड ने फिर बढ़त हासिल कर ली। 54वें मिनट में एलिजाह जस्ट ने अपना दूसरा गोल दागा। एक बार फिर कप्तान क्रिस वुड ने असिस्ट किया और जस्ट ने शानदार फिनिशिंग के साथ टीम को 2-1 से आगे कर दिया। हालांकि ईरान ने हार नहीं मानी। 64वें मिनट में मोहम्मद मोहेब्बी ने सटीक हेडर लगाकर स्कोर 2-2 कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने जीत के लिए प्रयास किए, लेकिन कोई भी निर्णायक गोल नहीं कर सकी।
ईरान और न्यूजीलैंड के ड्रॉ के बाद ग्रुप-जी की तस्वीर भी दिलचस्प हो गई है। बेल्जियम और मिस्र का मुकाबला पहले ही 1-1 से ड्रॉ रहा था। ऐसे में ग्रुप की चारों टीमों के खाते में एक-एक अंक हैं। अब अगले मुकाबले यह तय करेंगे कि नॉकआउट चरण की दौड़ में कौन बढ़त हासिल करता है।


