नई दिल्ली : FIFA World Cup 2026 में इंग्लैंड ने ऐसा दमदार आगाज किया है जिसने बाकी टीमों को साफ संदेश दे दिया है कि यह टीम इस बार सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि ट्रॉफी जीतने के इरादे से उतरी है। डलास स्टेडियम में खेले गए ग्रुप एल मुकाबले में England national football team ने Croatia national football team को 4-2 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की।
इस मैच में कप्तान Harry Kane और युवा स्टार Jude Bellingham ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्होंने मैच को यादगार बना दिया। दोनों खिलाड़ियों की इस जोड़ी ने इंग्लैंड की खिताबी उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।
इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने मुकाबले में दो गोल दागे। उनका पहला गोल 12वें मिनट में पेनल्टी पर आया, जबकि दूसरा गोल 42वें मिनट में शानदार हेडर के जरिए हुआ। इन दो गोलों के साथ केन विश्वकप के तीन अलग-अलग संस्करणों (2018, 2022 और 2026) में गोल करने वाले इंग्लैंड के केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि इंग्लैंड के दिग्गज डेविड बेकहम ने हासिल की थी, जिन्होंने 1998, 2002 और 2006 विश्वकप में गोल किए थे।
केन ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए विश्वकप में अपने गोलों की संख्या 10 तक पहुंचा दी। इसके साथ ही उन्होंने गैरी लिनेकर के विश्वकप में इंग्लैंड के लिए सर्वाधिक 10 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इतना ही नहीं, विश्वकप इतिहास में सबसे ज्यादा पेनल्टी गोल (पेनल्टी शूटआउट को छोड़कर) करने का रिकॉर्ड भी अब उनके नाम दर्ज हो गया है। उनके खाते में अब पांच पेनल्टी गोल हो चुके हैं।
मुकाबला जितना स्कोरलाइन से आसान दिखता है, उतना था नहीं। क्रोएशिया ने दो बार मैच में वापसी की। केन की पेनल्टी के बाद मार्टिन बातुरीना ने शानदार गोल कर स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद केन ने फिर इंग्लैंड को बढ़त दिलाई, लेकिन हाफ टाइम से ठीक पहले पेटार मूसा ने गोल दागकर मुकाबले को 2-2 पर ला खड़ा किया।
दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने अपना असली रंग दिखाया। जूड बेलिंगहम ने बेहतरीन गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, जबकि मार्कस रैशफोर्ड ने अंत में गोल कर जीत पर मुहर लगा दी। इवान पेरिसिच ने भी एक उपलब्धि हासिल की और विश्वकप के चार अलग-अलग संस्करणों में असिस्ट करने वाले इतिहास के दूसरे खिलाड़ी बने। उनसे पहले यह कारनामा केवल लियोनेल मेसी कर सके थे।
जहां केन अनुभव का प्रतीक बने, वहीं जूड बेलिंगहैम ने युवा प्रतिभा की नई मिसाल पेश की। क्रोएशिया के खिलाफ मैदान पर उतरते ही बेलिंगहैम 22 वर्ष और 353 दिन की उम्र में चार अलग-अलग बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने वाले सबसे युवा यूरोपीय खिलाड़ी बन गए। उन्होंने यह उपलब्धि 23 वर्ष की उम्र पूरी होने से पहले हासिल की, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। बेलिंगहम ने यूरो 2020, विश्वकप 2022, यूरो 2024 और अब विश्वकप 2026 में हिस्सा लिया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड जर्मनी के जमाल मुसियाला के नाम था, जिन्होंने 23 वर्ष और 108 दिन की उम्र में अपना चौथा बड़ा टूर्नामेंट खेला था।
क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबला Croatia national football team के खिलाफ खेला गया यह मैच FIFA World Cup 2026 में जूड बेलिंगहम के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। यह उनका किसी बड़े टूर्नामेंट में 16वां मुकाबला था और इसी के साथ उन्होंने 23 वर्ष की उम्र से पहले सबसे ज्यादा बड़े टूर्नामेंट मैच खेलने वाले यूरोपीय खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ियों फ्रैंक लैम्पार्ड, टोनी एडम्स और ब्रायन रॉब्सन जैसे नामों को पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, बेलिंगहम ने बुकायो साका, जोस्को ग्वार्डियोल, पेड्री, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और माइकल ओवेन जैसे स्टार खिलाड़ियों से भी आगे निकलकर अपनी अलग पहचान बना ली है। उनका यह लगातार बढ़ता प्रदर्शन दिखाता है कि वह आने वाले वर्षों में यूरोपीय फुटबॉल के सबसे बड़े चेहरों में से एक बन सकते हैं।


