देहरादून। भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज, द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच और पूर्व अंतरराष्ट्रीय शूटर जसपाल राणा की तेरहवीं एवं श्रद्धांजलि सभा बुधवार को देहरादून स्थित मसूरी रोड पर राणा शूटिंग रेंज में आयोजित की गई। इस अवसर पर खेल, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र की अनेक प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, नोएडा विधायक पंकज सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट सहित देशभर से आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और शुभचिंतकों ने दिवंगत खेल विभूति को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान कई भावुक क्षण देखने को मिले। जसपाल राणा की तस्वीर पर पुष्पमालाएं चढ़ी देखकर उनकी पत्नी की आंखें नम हो गईं। परिवार के अन्य सदस्य भी अपने आंसू नहीं रोक सके। उपस्थित रिश्तेदारों, खिलाड़ियों और शुभचिंतकों ने उन्हें ढांढस बंधाया। पूरे कार्यक्रम में गमगीन माहौल बना रहा और हर किसी ने भारतीय खेल जगत की इस अपूरणीय क्षति को याद किया।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष विमान से देहरादून पहुंचे, जहां जॉलीग्रांट हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता सीधे श्रद्धांजलि स्थल पहुंचे और जसपाल राणा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने हवन में भाग लिया और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। राजनाथ सिंह ने कहा कि जसपाल राणा ने भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दिलाई और उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जसपाल राणा केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के प्रेरणास्रोत भी थे। उन्होंने कहा कि देश और विदेश में भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि उनका असामयिक निधन खेल जगत के लिए ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। श्रद्धांजलि सभा के दौरान उन्होंने नोएडा विधायक पंकज सिंह से मुलाकात कर उन्हें गले लगाकर सांत्वना भी दी।
नोएडा विधायक पंकज सिंह ने भावुक होकर कहा कि जसपाल राणा से उनका रिश्ता केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि एक भाई और घनिष्ठ मित्र जैसा था। उन्होंने कहा कि राणा हमेशा मुस्कुराते रहते थे और हर परिस्थिति में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते थे। उन्होंने विश्वास जताया कि जसपाल राणा का व्यक्तित्व और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से निशानेबाज, कोच, खेल प्रशासक और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी पहुंचे। सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सुबह से ही श्रद्धांजलि स्थल पर लोगों का तांता लगा रहा और पूरे दिन श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला जारी रहा।
गौरतलब है कि जसपाल राणा का 12 जून 2026 को निधन हो गया था। उन्होंने खिलाड़ी के रूप में भारत के लिए अनेक अंतरराष्ट्रीय पदक जीते और बाद में कोच के रूप में भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके मार्गदर्शन में कई भारतीय निशानेबाजों ने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उन्हें वर्ष 2009 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।


