37 साल की उम्र में देवेंद्र कठैत की दमदार वापसी, प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम ने दिया क्रिकेट करियर को नया जीवन

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NST NEWS, इंदौर। क्रिकेट में प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम (पीडीपी) ने एक बार फिर इस बात को साबित कर दिया है। 37 वर्षीय तेज गेंदबाज देवेंद्र सिंह कठैत ने वर्षों बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में शानदार वापसी करते हुए आदित्य बिड़ला ग्रुप मध्यप्रदेश लीग (एमपीएल) टी20 सिंधिया कप में रॉयल निमाड़ ईगल्स की ओर से खेलकर अपने क्रिकेट करियर को नया जीवन दिया है।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज देवेंद्र कठैत की यह वापसी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो किसी कारणवश पेशेवर क्रिकेट से दूर हो गए थे। मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ द्वारा शुरू किए गए प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम (PDP) का उद्देश्य ऐसे ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को दोबारा अवसर देकर उनके क्रिकेट करियर को नई दिशा देना है।

इस विशेष पहल के तहत एमपीएल की प्रत्येक फ्रेंचाइजी को अपनी टीम में दो पीडीपी खिलाड़ियों को शामिल करना अनिवार्य किया गया है। इन खिलाड़ियों का चयन व्यापक स्काउटिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। देवेंद्र कठैत भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने मिले अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में अपनी जगह बनाई।

देवेंद्र ने अपनी वापसी को भावुक और यादगार बताते हुए कहा कि एमपीएल में खेलने का अवसर उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि कई वर्षों तक वे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहे, लेकिन तेज गेंदबाजी के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ। पीडीपी के माध्यम से उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिला और वरिष्ठ खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा टीम साथियों के सहयोग ने उनमें नया आत्मविश्वास जगाया।

उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी आया था जब उन्हें लगा कि पेशेवर क्रिकेट का सफर समाप्त हो चुका है। नौकरी की जिम्मेदारियों के कारण वे केवल कभी-कभार क्रिकेट खेल पाते थे, लेकिन खेल के प्रति उनका प्रेम हमेशा बरकरार रहा। प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम ने उन्हें अपनी क्षमता साबित करने का अवसर दिया और अनुभवी खिलाड़ियों के मार्गदर्शन ने उन्हें पहले से अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

देवेंद्र के अनुसार एमपीएल जैसे बड़े मंच पर अपनी टीम का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने एमपीएल में अपना पहला मुकाबला खेला और स्टैंड्स में बैठे उनके परिवार ने उनका उत्साहवर्धन किया, तो वह पल बेहद भावुक कर देने वाला था। वर्षों बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी के इस अवसर को अपने परिवार के साथ साझा करना उनके लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं था।

उन्होंने कहा कि उनका परिवार हमेशा जानता था कि क्रिकेट उनके जीवन का सबसे बड़ा जुनून है। इसलिए जब उन्हें एमपीएल में खेलने का मौका मिला तो पूरा परिवार भावुक हो गया। अब उनका लक्ष्य इस अवसर का भरपूर लाभ उठाते हुए अपनी टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना और हर मैच का आनंद लेना है।

देवेंद्र कठैत ने मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्लेयर डेवलपमेंट प्रोग्राम उन खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हो रहा है जिन्हें पहले कभी पेशेवर क्रिकेट में पर्याप्त अवसर नहीं मिल सके। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को संदेश दिया कि वे लगातार मेहनत करते रहें और हमेशा तैयार रहें, क्योंकि अवसर कब दस्तक दे दे, यह कोई नहीं जानता। यदि खिलाड़ी सही समय पर तैयार रहता है तो एक मौका उसकी पूरी जिंदगी बदल सकता है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लीग ने उनके जैसे खिलाड़ियों को दोबारा सपने देखने का अवसर दिया है। धैर्य, निरंतर अभ्यास और खुद पर विश्वास ही उनकी वापसी की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। अब उनका पूरा ध्यान टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने और इस नए सफर के हर पल का आनंद लेने पर है।

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