न्यूयॉर्क. फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण में 25 जून का दिन कई बड़े उलटफेर और रिकॉर्ड्स का गवाह बना। इक्वाडोर ने जर्मनी को 2-1 से हराकर नॉकआउट में जगह बनाई, जबकि आइवरी कोस्ट, जापान, स्वीडन और ऑस्ट्रेलिया ने भी अंतिम-32 का टिकट हासिल किया। वहीं नीदरलैंड्स ने लगातार 10वीं बार विश्व कप के ग्रुप चरण से आगे बढ़ने का रिकॉर्ड कायम रखा।
जर्मनी की हार, इक्वाडोर का इतिहास
लिरॉय साने ने मुकाबले के पहले दो मिनट के भीतर गोल कर जर्मनी को बढ़त दिलाई, जो विश्व कप इतिहास में जर्मनी का दूसरा सबसे तेज गोल रहा। इसके बावजूद इक्वाडोर ने 2-1 से जीत दर्ज कर विश्व कप इतिहास में दूसरी बार नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। यह किसी दक्षिण अमेरिकी टीम के खिलाफ विश्व कप ग्रुप चरण में जर्मनी की पहली हार भी रही। गोंजालो प्लाटा ने 12 मैचों से चले आ रहे अपने गोल के सूखे को खत्म करते हुए 77वें मिनट में विजयी गोल दागा। वहीं मैनुएल नोयर ने अपना 22वां विश्व कप मैच खेलकर लोथार मैथाउस और मिरोस्लाव क्लोज़े के जर्मनी के सर्वाधिक विश्व कप मैच खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
आइवरी कोस्ट के लिए पेपे का कमाल
आइवरी कोस्ट ने कुरासाओ को 2-0 से हराकर अंतिम-32 में जगह बनाई। निकोलस पेपे विश्व कप में आइवरी कोस्ट के लिए दो गोल करने वाले दूसरे खिलाड़ी बने। 19 वर्षीय यान डियोमांडे 1994 के बाद विश्व कप में गोल में सहायता करने वाले पहले अफ्रीकी किशोर खिलाड़ी बने।
जापान और स्वीडन दोनों आगे
जापान और स्वीडन के बीच मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा, जिससे दोनों टीमों ने नॉकआउट चरण में प्रवेश कर लिया। जापान लगातार तीसरी बार विश्व कप के नॉकआउट में पहुंचा है। वहीं स्वीडन ने इस विश्व कप में बॉक्स के बाहर से चार गोल किए हैं, जो किसी भी टीम से सबसे अधिक हैं।
नीदरलैंड्स का शानदार रिकॉर्ड कायम
नीदरलैंड्स ने ट्यूनीशिया को 3-1 से हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया। टीम ने लगातार 10वीं बार विश्व कप के ग्रुप चरण से क्वालीफाई करने का रिकॉर्ड बरकरार रखा। साथ ही विश्व कप ग्रुप चरण में उसका अपराजित रहने का सिलसिला 19 मैचों तक पहुंच गया।
तुर्किये ने अमेरिका को हराया
तुर्किये ने रोमांचक मुकाबले में अमेरिका को 3-2 से हराया। इस मैच में ऑस्टन ट्रस्टी का गोल विश्व कप 2026 का 173वां गोल रहा, जिसने एक संस्करण में सर्वाधिक गोलों का नया रिकॉर्ड बना दिया। तुर्किये के अर्दा गुलर विश्व कप में गोल करने वाले देश के सबसे युवा खिलाड़ी बने।
ऑस्ट्रेलिया तीसरी बार नॉकआउट में
पैराग्वे के साथ 0-0 से ड्रॉ खेलने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया तीसरी बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंच गया। ऑस्ट्रेलिया का पैराग्वे के खिलाफ रिकॉर्ड भी बरकरार रहा और उसने इस दक्षिण अमेरिकी टीम के खिलाफ अब तक कोई मुकाबला नहीं गंवाया।


