हरारे. जिम्बाब्वे ने हरारे में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के दूसरे दिन बांग्लादेश पर अपना शिकंजा और मजबूत कर लिया। सलामी बल्लेबाज इनोसेंट काइया के शानदार पहले टेस्ट शतक (140 रन) तथा ब्रायन बेनेट (59), कप्तान क्रेग एर्विन (60) और वेस्ली मधेवेरे (नाबाद 77) के अर्धशतकों की बदौलत मेजबान टीम ने पहली पारी में 410 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश ने दिन का खेल समाप्त होने तक दूसरी पारी में एक विकेट पर 40 रन बना लिए हैं, लेकिन वह अभी भी जिम्बाब्वे से 230 रन पीछे है। दूसरे दिन का खेल पूरी तरह जिम्बाब्वे के नाम रहा और उसकी तेज गेंदबाजी ने भी अंतिम सत्र में प्रभावशाली शुरुआत की।
दूसरे दिन जिम्बाब्वे ने अपनी पारी आगे बढ़ाते हुए मजबूत बल्लेबाजी की। इनोसेंट काइया ने 153 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया और 140 रन की बेहतरीन पारी खेली। तीसरे विकेट के लिए ब्रायन बेनेट के साथ उनकी 107 रन की साझेदारी ने टीम को मजबूत आधार दिया। इसके बाद कप्तान क्रेग एर्विन और वेस्ली मधेवेरे ने सातवें विकेट के लिए 102 रन जोड़कर बांग्लादेश की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मधेवेरे ने नाबाद 77 रन की पारी में आठ चौके लगाए और आखिरी तक क्रीज पर डटे रहे। हालांकि अंतिम तीन विकेट सिर्फ 16 रन के भीतर गिर गए, लेकिन तब तक जिम्बाब्वे पहली पारी में 270 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर चुका था।
बांग्लादेश की ओर से बाएं हाथ के स्पिनर तैजुल इस्लाम अकेले संघर्ष करते नजर आए। उन्होंने 40.2 ओवर की लंबी गेंदबाजी करते हुए 138 रन देकर सात विकेट झटके और टेस्ट करियर में 19वीं बार पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया। तेज गेंदबाजों से उन्हें कोई खास सहयोग नहीं मिला। खालिद अहमद ने दो विकेट लिए, जबकि हसन महमूद और एबादोत हुसैन पूरे दिन विकेट के लिए तरसते रहे। तैजुल ने अपनी सटीक लाइन और टर्न से लगातार दबाव बनाया, लेकिन दूसरे छोर से ढीली गेंदबाजी का फायदा जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने भरपूर उठाया।
दूसरी पारी की शुरुआत में भी जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाजों ने बेहतरीन लय दिखाई। रिचर्ड नगरावा ने शानदार आउटस्विंगर पर शादमान इस्लाम को स्लिप में कैच कराकर बांग्लादेश को शुरुआती झटका दिया। महमूदुल हसन जॉय 21 रन बनाकर नाबाद लौटे। अब बांग्लादेश को मैच में वापसी के लिए बड़ी साझेदारियों की जरूरत होगी, जबकि जिम्बाब्वे की नजर तीसरे दिन जल्दी विकेट लेकर मैच पर पूरी तरह पकड़ मजबूत करने पर रहेगी। यदि मेजबान गेंदबाज इसी तरह अनुशासित प्रदर्शन करते रहे तो बांग्लादेश के लिए यह मुकाबला बचाना बेहद कठिन हो सकता है।


