27 साल बाद इंग्लैंड में न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत, तीसरे टेस्ट में 160 रन से हराया

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नॉटिंघम. न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच में 160 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ कीवी टीम ने 27 साल बाद इंग्लैंड की धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने का ऐतिहासिक कारनामा किया। इससे पहले न्यूजीलैंड ने 1999 में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीती थी। यह इंग्लैंड में उसकी 20 टेस्ट सीरीज में सिर्फ चौथी जीत है। खास बात यह रही कि पहला टेस्ट हारने के बाद न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की। दूसरी ओर इंग्लैंड को 2012 के बाद पहली बार अपने घर में तीन या उससे अधिक टेस्ट मैचों की सीरीज गंवानी पड़ी। 373 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की दूसरी पारी सिर्फ 212 रन पर सिमट गई और न्यूजीलैंड ने यादगार जीत दर्ज की।

इस मुकाबले का सबसे भावुक पल इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स का आखिरी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच रहा। चौथे दिन संन्यास की घोषणा करने वाले स्टोक्स अपनी विदाई को जीत के साथ यादगार बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने दूसरी पारी में सिर्फ 20 गेंदों पर 30 रन बनाकर तेज शुरुआत की, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। मैच में उन्होंने कुल 45 रन बनाने के अलावा छह विकेट भी लिए, फिर भी टीम को हार से नहीं बचा सके। अंतिम दिन इंग्लैंड ने 103/4 के स्कोर से खेलना शुरू किया, लेकिन शुरुआती घंटे में ही मुकाबला पूरी तरह न्यूजीलैंड के पक्ष में चला गया। नाथन स्मिथ ने एमिलियो गे को आउट किया, जबकि हेनरी निकोल्स के शानदार डायरेक्ट हिट पर जो रूट रन आउट हो गए। इसके बाद मिचेल सैंटनर ने गस एटकिंसन और जेमी स्मिथ के विकेट लेकर इंग्लैंड की आखिरी उम्मीद भी खत्म कर दी।

मैच की नींव न्यूजीलैंड की पहली पारी में रखी गई, जब कप्तान टॉम लैथम (151) और डेवोन कॉनवे (157) ने पहले विकेट के लिए 317 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 438 रन बनाए, जिसके जवाब में इंग्लैंड 354 रन ही बना सका और मेहमान टीम को 84 रन की बढ़त मिल गई। दूसरी पारी में डेरिल मिचेल ने शानदार नाबाद 100 रन बनाए, जबकि रचिन रवींद्र ने 94 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड ने 288/9 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 373 रन का लक्ष्य रखा। मैच के दौरान टीम चोटों से भी जूझती रही। मैट हेनरी पहले ही बाहर थे, ब्लेयर टिकनर चोटिल हुए तो उनकी जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट जैक फाउल्क्स मैदान पर उतरे, जबकि अंतिम दिन विल ओ’रूर्के भी हैमस्ट्रिंग की वजह से मैदान छोड़ने पर मजबूर हुए। इसके बावजूद टीम ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए जीत दर्ज की।

सीरीज जीतने के बाद डेरिल मिचेल ने कहा कि टीम इंग्लैंड जीतने के इरादे से आई थी और यह सफलता उनके लिए बेहद खास है। वहीं बेन स्टोक्स ने कहा कि सीरीज जीतकर विदाई लेना शानदार होता, लेकिन उन्हें अपने करियर और कप्तानी पर गर्व है। इंग्लैंड की टीम पिछले नौ टेस्ट मैचों में सात हार झेल चुकी है और स्टोक्स तथा ब्रेंडन मैकुलम के ‘बैजबॉल’ दौर में इसे सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक जीत ने न्यूजीलैंड के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है, जबकि इंग्लैंड के लिए यह हार भविष्य की रणनीति और टीम संयोजन पर गंभीर मंथन का संकेत मानी जा रही है।

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