विश्व विजेता भारत की बढ़ीं मुश्किलें, इंग्लैंड ने पहली बार जीती टी20 सीरीज

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नई दिल्ली : श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का संघर्ष जारी है। इंग्लैंड ने शुक्रवार (10 जुलाई) को खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भारत को 9 विकेट से हराकर पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली और पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों की द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला अपने नाम की। इससे पहले भारत और इंग्लैंड के बीच हुई पिछली छह टी20 द्विपक्षीय सीरीज में भारत ने पांच जीती थीं, जबकि एक श्रृंखला बराबरी पर समाप्त हुई थी। इंग्लैंड की यह जीत भारत के खिलाफ उसकी अब तक की सबसे बड़ी द्विपक्षीय टी20 सीरीज सफलता मानी जा रही है।

मार्च में लगातार दूसरा टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम के लिए मौजूदा सत्र अब तक निराशाजनक रहा है। इंग्लैंड दौरे से पहले भारत को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भी हार का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही भारतीय टीम फरवरी 2019 के बाद पहली बार लगातार दो टी20 द्विपक्षीय सीरीज हार गई है। उस समय न्यूजीलैंड ने भारत को 2-1 और ऑस्ट्रेलिया ने 2-0 से शिकस्त दी थी। दिलचस्प बात यह है कि मौजूदा सीजन शुरू होने से पहले भारत ने अपनी पिछली 12 द्विपक्षीय टी20 सीरीज में से 11 में जीत दर्ज की थी, जबकि दिसंबर 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई टी20 श्रृंखला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुई थी।

सात साल बाद इंग्लैंड ने भारत से छीनी टी20 सीरीज

भारतीय टीम 2018 में इंग्लैंड दौरे पर 2 सीरीज हारी थी। वनडे में में 2-1 और टेस्ट में 4-1 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच खेली गई किसी भी प्रारूप की सीरीज भारतीय टीम नहीं हारी थी। वह 10 में से 8 सीरीज जीती थी। इंग्लैंड में खेली गईं पिछली 2 टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर रहीं।

इंग्लैंड ने दर्ज की दूसरी सबसे बड़ी टी20 जीत

चौथे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेट से हराकर 37 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। 150 या उससे अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए विकेटों के लिहाज से यह इंग्लैंड की संयुक्त रूप से दूसरी सबसे बड़ी टी20 जीत रही। इससे पहले इंग्लैंड ने 2020 में केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 192 रन का लक्ष्य केवल एक विकेट खोकर हासिल किया था। वहीं इंग्लैंड की सबसे बड़ी जीत टी20 विश्व कप 2022 के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ आई थी, जब उसने 169 रन का लक्ष्य बिना कोई विकेट गंवाए हासिल कर फाइनल में जगह बनाई थी।

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