बेंगलुरु। महाराजा ट्रॉफी टी-20 के फाइनल में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन उनका ऑलराउंड खेल भी बेंगलुरु ब्लास्टर्स को चैंपियन नहीं बना सका। रविवार को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में शिवमोग्गा लायंस ने बेंगलुरु ब्लास्टर्स को चार विकेट से हराकर पहली बार महाराजा ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 185 रन बनाए। समित द्रविड़ ने 37 गेंदों में 37 रन बनाए और कप्तान शुभांग हेगड़े (31) के साथ चौथे विकेट के लिए 56 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।

186 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी शिवमोग्गा लायंस ने 19.4 ओवर में 6 विकेट पर 186 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान लुवनिथ सिसोदिया ने 45 गेंदों में 87 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने पहले नवीन एमजी के साथ 68 रन और फिर अनीश केवी के साथ तेज साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई। अनीश केवी 19 गेंदों में 38 रन बनाकर नाबाद लौटे। समित द्रविड़ ने गेंदबाजी में भी प्रभाव छोड़ा और चार विकेट लेकर मुकाबले को रोमांचक बनाया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। शानदार कप्तानी पारी खेलने वाले लुवनिथ सिसोदिया को प्लेयर ऑफ द फाइनल चुना गया, जबकि पूरे टूर्नामेंट में 18 विकेट लेने वाले अभिलाष शेट्टी को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार मिला।


