नई दिल्ली : भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता अमन ने हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में आयोजित पोल्याक इमरे, वर्गा जानोस एंड कोजमा इस्तवान मेमोरियल 2026 रेसलिंग टूर्नामेंट में पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय कुश्ती में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।
अमन सहरावत ने फाइनल में जॉर्जिया के रोबेर्टी डिंगाशविली को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 13-3 से हराया। भारतीय दल के पदकों की संख्या तब बढ़ गई जब दीपक ने 61 किग्रा फ्रीस्टाइल में कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक जीता। दीपक ने प्लेऑफ में अजरबैजान के नुरद्दीन नोवरुजोव को 9-8 से हराया। दीपक के अलावा विशाल कालीरमाना (पुरुष 65 किग्रा) ने भी कांस्य पदक जीतकर भारत के पदकों की संख्या तीन कर दी।
अप्रैल में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में उतरे अमन सहरावत ने शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। पेरिस 2024 ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर अमन भारत के सबसे युवा ओलंपिक पदक विजेता बने थे। अब इस नई उपलब्धि के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में अपनी मजबूत पहचान को और भी पुख्ता कर दिया है।
तकनीकी श्रेष्ठता का जलवा, अमन ने 4 में से 3 मुकाबलों में दर्ज की जीत
22 साल के अमन सहरावत ने जॉर्जिया के निकोलोज बोचोरिशविली के खिलाफ 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत हासिल कर अपने अभियान की शुरुआत की। क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के ओलंपियन मीरामबेक कार्तबे को 10-3 से हराया। सेमीफाइनल में अजरबैजान के मौजूदा यूरोपियन चैंपियन इस्लाम बाजारगानोव को 11-0 से हराया। इस तरह अमन ने 4 में से 3 जीतें तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हासिल कीं।
0-8 से 9-8 तक का सफर, दीपक ने दिखाया अद्भुत जज्बा
इस बीच दीपक ने कांस्य पदक मुकाबले में अजरबैजानी पहलवान नुराद्दीन नोवरुजोव के खिलाफ 0-8 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी की और 9-8 से रोमांचक जीत हासिल की। इससे पहले भारतीय पहलवान क्वार्टर फाइनल में जॉर्जिया के रामिज तुर्मानिद्जे को 7-4 से हराने के बाद सेमी-फाइनल में कजाकिस्तान के असिल ऐताकिन से 2-1 से हार गए थे।
विशाल कालीरमाना ने कजाकिस्तान के ओसुमजान दस्तानबेक को 8-2 से हराकर कांस्य पदक जीता। वह सेमीफाइनल में ईरान के अहमद इब्राहिमजादेह से क्राइटेरिया के आधार पर हार गए थे। हालांकि, अमन सहरावत, दीपक और विशाल कालीरमाना के अलावा पुरुषों के अन्य फ्रीस्टाइल मुकाबलों में भारत मेडल नहीं जीत पाया।
टूर्नामेंट में मिला झटका, राहुल हारे और अभिमन्यु नहीं बना पाए जगह
राहुल 57 किग्रा भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में हार गए, जबकि एशियन चैंपियन अभिमन्यु मंडवाल पुरुषों के फ्रीस्टाइल 70 किग्रा भारवर्ग के क्वालिफिकेशन राउंड में ही बाहर हो गए। एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले पहलवान सागर जगलान (74 किग्रा) और मुकुल दहिया (86 किग्रा), साथ ही अमित (86 किग्रा) अपने-अपने भार वर्ग में पोडियम फिनिश (पदक नहीं जीतना) नहीं कर पाए।
भारत का अभियान गुरुवार (16 जुलाई 2026) को पुरुषों की फ्रीस्टाइल 79 किग्रा, 92 किग्रा, 97 किग्रा और 125 किग्रा भार वर्ग के साथ-साथ महिलाओं के 50 किग्रा और 55 किग्रा वर्ग में जारी रहेगा। भारतीय चुनौती की अगुआई ओलंपियन दीपक पूनिया 97 किग्रा वर्ग में करेंगे। पोल्याक इमरे, वर्गा जानोस और कोज्मा इस्तवान मेमोरियल 2026 इस सत्र की चौथी और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) की अंतिम रैंकिंग सीरीज प्रतियोगिता है। इस टूर्नामेंट में भारतीय पहलवानों के पास अपनी रैंकिंग मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने का महत्वपूर्ण मौका होगा।


