नई दिल्ली. इंग्लैंड पर 2-1 की रोमांचक जीत के साथ अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंच गया है। सेमीफाइनल में अंतिम मिनटों में एंजो फर्नांडीज और लाउतारो मार्टिनेज ने गोल किए, जबकि दोनों गोल में कप्तान लियोनेल मेसी ने असिस्ट देकर टीम की वापसी में अहम भूमिका निभाई। अब 19 जुलाई को फाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। इस जीत के साथ मेसी ने विश्व कप इतिहास में कई नए कीर्तिमान अपने नाम कर लिए। उनके अब विश्व कप के 33 मैचों में 21 गोल और 12 असिस्ट सहित कुल 33 गोल योगदान हो गए हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर किलियन एम्बाप्पे 25 गोल योगदान के साथ हैं।
मेसी के नाम अब विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में 10 असिस्ट हैं, जो पिछले 60 वर्षों में किसी भी खिलाड़ी से छह अधिक हैं। पेले और एंटोनी ग्रिज़मैन के नाम चार-चार असिस्ट हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में मेसी ने नौ सफल ड्रिबल पूरे किए और 12 ड्यूल जीते, जो इस विश्व कप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उन्होंने 0.86 एक्सपेक्टेड असिस्ट (xA) भी दर्ज किए, जो पूरी इंग्लैंड टीम के संयुक्त आंकड़े से अधिक थे। मेसी लगातार 11 विश्व कप मुकाबलों में गोल या असिस्ट करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। वहीं विश्व कप में उनके द्वारा बनाए गए 99 गोल के मौके (Chances Created) भी पिछले 60 वर्षों में सबसे अधिक हैं। दूसरे स्थान पर अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी डिएगो माराडोना 71 मौकों के साथ हैं।
39 वर्ष और 21 दिन की उम्र में मेसी विश्व कप सेमीफाइनल खेलने वाले सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी भी बन गए। यदि वह फाइनल में उतरते हैं तो ब्राजील के काफू के साथ तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले दुनिया के केवल दूसरे फुटबॉलर बन जाएंगे। टीम के स्तर पर भी अर्जेंटीना ने कई रिकॉर्ड बनाए। यह उसका सातवां विश्व कप फाइनल होगा और लगातार दो विश्व कप फाइनल में पहुंचने का कारनामा उसने 1986 और 1990 के बाद पहली बार किया है। साथ ही अर्जेंटीना लगातार 13 विश्व कप मैचों में दो या उससे अधिक गोल करने वाली पहली टीम बन गई है। अब अर्जेंटीना के पास इटली (1934, 1938) और ब्राजील (1958, 1962) के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने वाली तीसरी टीम बनने का मौका होगा।


