नई दिल्ली। दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने करीब दो साल बाद जापान ओपन सुपर-750 का खिताब जीतने के बाद अपनी शानदार वापसी का श्रेय भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली को दिया है। सिंधु ने सोशल मीडिया पर बताया कि करियर के सबसे कठिन दौर में उन्होंने विराट कोहली से सलाह ली थी। कोहली की एक सीख ने उनके खेल और सोच, दोनों को नई दिशा दी। सिंधु ने कहा कि अब वह ट्रॉफी जीतने के दबाव में नहीं, बल्कि खेल के प्रति अपने जुनून के लिए हर सुबह अभ्यास करती हैं।
सिंधु ने बताया कि चोट, खराब फॉर्म और मानसिक दबाव के दौरान उन्होंने विराट से संपर्क किया था। विराट ने तुरंत जवाब दिया और अगले दिन मुलाकात कर उन्हें खेल में दोबारा खुशी तलाशने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने अपनी फिटनेस, नेट गेम और मानसिक तैयारी पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने लगभग 3.5 किलो वजन कम किया, डेटा आधारित ट्रेनिंग अपनाई और इंडोनेशियाई कोच इरवांशाह तथा स्ट्रेंथ ट्रेनर वेन लोम्बार्ड के साथ मिलकर अपने खेल में कई बदलाव किए। पैर की चोट के दौरान उनके पति वेंकट दत्ता साई ने भी मानसिक रूप से उन्हें मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
इन प्रयासों का परिणाम जापान ओपन में देखने को मिला, जहां सिंधु ने फाइनल में तीन बार की विश्व चैंपियन जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम किया। उन्होंने सेमीफाइनल में विश्व नंबर-4 चीन की चेन यूफेई को भी हराया। सिंधु ने कहा कि यह खिताब सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। अब उनकी नजर चीन ओपन, विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप और लॉस एंजिलिस ओलिंपिक-2028 में स्वर्ण पदक जीतने पर है।


