नई दिल्ली : भारतीय भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। एशियाई चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम भार उठाकर कुल 199 किलोग्राम का भार दर्ज किया। हालांकि, नाइजीरिया की ओनोम ओमोलोला दिदिह ने कुल 206 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। ज्ञानेश्वरी के रजत पदक ने भारत की पदक तालिका में एक और महत्वपूर्ण सफलता जोड़ दी।
एक अन्य भारतीय भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 58 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक बिंद्यारानी ने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 112 किलोग्राम भार उठाकर कुल 199 किलोग्राम का भार हासिल किया। नाइजीरिया की रफियातु फोलशादे ने 229 किलोग्राम के कुल भार के साथ स्वर्ण पदक जीता, जो खेलों का रिकॉर्ड है, जबकि कनाडा की ऐन सोफी ताशेरो ने 215 किलोग्राम के कुल भार के साथ रजत पदक हासिल किया।
इससे पहले भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया था। उन्होंने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलोग्राम भार उठाकर नया खेल रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण अपने नाम किया। इस जीत के साथ मीराबाई ने 2018, 2022 और 2026 में लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। ज्ञानेश्वरी यादव के रजत पदक के बाद भारत की कुल पदक संख्या छह हो गई है, जिसमें एक स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय भारोत्तोलकों के शानदार प्रदर्शन ने शुरुआती दिनों में ही देश के अभियान को मजबूती प्रदान की है।


