नई दिल्ली : टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े स्कोर में से एक मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच 1997 में कोलंबो टेस्ट में देखने को मिला था। इस मैच में श्रीलंका ने बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया, जो आज भी रिकॉर्ड बुक में दर्ज है। श्रीलंका ने भारत के खिलाफ अपनी पहली पारी 6 विकेट पर 952 रन बनाकर घोषित की थी, जो टेस्ट क्रिकेट में किसी टीम का एक पारी में सबसे बड़ा स्कोर है। श्रीलंका ने इस दौरान इंग्लैंड के 1938 में ओवल टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 7 विकेट पर 903 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। जवाब में भारत ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 537 रन बनाकर घोषित की। इस ऐतिहासिक मुकाबले में कुल 1489 रन बने थे, जो टेस्ट क्रिकेट के सबसे यादगार बल्लेबाजी मुकाबलों में शामिल है।
सनत जयसूर्या ने तिहरा शतक लगाया था। रोशन महनामा ने दोहरा शतक जड़ा था। 4 खिलाड़ियों ने शतक और 3 ने अर्धशतक लगाए थे। भारत की ओर से कप्तान सचिन तेंदुलकर, नवजोत सिंह सिद्धू और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने शतक जड़े थे। श्रीलंका के लिए अरविंद डी सिल्वा ने शतक जड़ा था। राहुल द्रविड़ के अलावा श्रीलंका के कप्तान अर्जुन रणतुंगा और महेला जयवर्धने ने अर्धशतक जड़े थे।
सबसे बड़ी टेस्ट साझेदारी का रिकॉर्ड, इस जोड़ी ने रचा था इतिहास
पहले बैटिंग करने के बाद भारत ने ओपनर नयन मोंगिया का विकेट 7 रन पर सस्ते में खो दिया। हालांकि, नवजोत सिंह सिद्धू 111 , कप्तान सचिन तेंदुलकर 143 और मोहम्मद अजहरुद्दीन 126 रन ठोके और भारत के बड़े स्कोर तक पहुंचाया।। जवाब में श्रीलंका ने भी 26 रन पर मर्वन अटापट्टू को जल्दी खो दिया। इसके बाद जयसूर्या और महानामा ने लंकाई पारी को संभाला। इस जोड़ी ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़े, जो टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी पार्टनरशिप है।
दो दिन तक डटे रहे जयसूर्या और महानामा, टेस्ट क्रिकेट में रची सबसे बड़ी साझेदारी
जयसूर्या और महानामा की जोड़ी पूरे दो दिन तक क्रीज पर रही। टेस्ट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ। यह फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ी पार्टनरशिप (1946-47 में विजय हजारे और गुल मोहम्मद द्वारा 577) बनने से सिर्फ एक रन से चूक गई। जयसूर्या ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहली और इकलौती ट्रिपल सेंचुरी पूरी की, जबकि महानामा ने 200 रन का आंकड़ा पार किया। इस पार्टनरशिप को आखिर में अनिल कुंबले ने तोड़ा। उन्होंने 225 रन पर महानामा को आउट कर दिया।





गेंदबाजी में संघर्ष, भारत के दो बॉलर्स ने खर्च किए 250 से ज्यादा रन
इसके बाद अरविंद डी सिल्वा क्रीज पर आए और वह इस मुकाबले में शतक लगाने वाले छठे बल्लेबाज बने। इसके बाद कप्तान अर्जुना रणतुंगा और महेला जयवर्धने ने भी तेज अर्धशतक लगाकर श्रीलंका के विशाल स्कोर को और मजबूत किया। शानदार बल्लेबाजी के दम पर श्रीलंका ने अपनी पहली पारी 6 विकेट पर 952 रन बनाकर घोषित की। इस ऐतिहासिक पारी में सनथ जयसूर्या ने 340 रन की यादगार पारी खेली, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। भारत के गेंदबाजों के लिए यह मुकाबला बेहद कठिन रहा। राजेश चौहान ने 78 ओवर में 276 रन खर्च किए, जबकि निलेश कुलकर्णी ने 72 ओवर में 223 रन दिए। वहीं एक अन्य भारतीय गेंदबाज ने भी 70 ओवर में 195 रन लुटाए। तीनों गेंदबाजों को इस पारी में केवल एक-एक विकेट ही हासिल हुआ।


