नई दिल्ली : भारतीय टीम आठ साल बाद श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने उतरेगी। दो मैचों की इस अहम श्रृंखला के लिए मंगलवार (28 जुलाई) को टीम का ऐलान किया गया। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 की अंकतालिका में फिलहाल भारत पांचवें स्थान पर है, ऐसे में फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए यह सीरीज बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम की उम्मीदें कप्तान शुभमन गिल, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी और मैच विजेता खिलाड़ियों पर टिकी होंगी। बल्लेबाजी, स्पिन और तेज गेंदबाजी—तीनों विभागों में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारत की सफलता तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
शुभमन गिल, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत और रविंद्र जडेजा ने मिलकर टेस्ट क्रिकेट में 17,309 रन बनाए हैं। इंग्लैंड दौरे पर गिल की कप्तानी में भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था, लेकिन पिछले साल घरेलू सरजमीं पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम को निराशा हाथ लगी थी। उस सीरीज के दौरान गिल चोटिल होकर बाहर हो गए थे और उनकी गैरमौजूदगी में ऋषभ पंत की कप्तानी में भारत को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था।
इस हार के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर और पूरी टीम की जमकर आलोचना हुई थी। खास तौर पर भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन गेंदबाजी खेलने की क्षमता पर सवाल उठे थे। ऐसे में श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल परिस्थितियों में गिल, राहुल, जायसवाल, पंत और जडेजा से एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी, ताकि भारत डब्ल्यूटीसी अंकतालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर सके।
स्पिन के जाल से बचना होगा
श्रीलंका में भी स्पिन चुनौती होगी। इससे निपटने के लिए जरूरी है कि गिल समेत अन्य बल्लेबाज उम्मीद के अनुसार अच्छा प्रदर्शन करें। डब्ल्यूटीसी के इस चक्र में भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। सबसे ज्यादा शुभमन गिल ने रन बनाए हैं। उन्होंने 14 पारियों में 950 रन बनाए हैं। केएल राहुल के 17 पारियों में 796 रन हैं। जडेजा ने 15 पारियों में 725 और यशस्वी जायसवाल ने 17 पारियों में 713 रन बनाए हैं। पंत ने 11 पारियों में 528 रन बनाए हैं।
कुलदीप यादव अहम
मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में मिलकर 567 विकेट झटके हैं। यदि जसप्रीत बुमराह चोट के कारण पूरी सीरीज नहीं खेल पाते हैं, तो भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी काफी हद तक इन तीन खिलाड़ियों पर होगी। तेज गेंदबाजी में सिराज लगातार प्रभावी रहे हैं और विदेशी परिस्थितियों में भी खुद को भारत के भरोसेमंद गेंदबाज के रूप में साबित किया है।
वहीं, रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद कुलदीप यादव को सीमित अवसर मिले हैं।
हालांकि वह अब तक उन मौकों का पूरा फायदा नहीं उठा सके हैं, लेकिन श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल पिचों पर वह भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। दूसरी ओर, रविंद्र जडेजा टेनिस एल्बो की चोट से उबरकर लौटे हैं। उनका अनुभव, सटीक स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम की उपयोगी बल्लेबाजी श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।


