रहाणे ने 38 की उम्र में लिया संन्यास, भारत के लिए यादगार रहा इंटरनेशनल करियर

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नई दिल्ली : भारत के लिए क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में प्रतिनिधित्व कर चुके अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने 38 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रहाणे ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए इसकी घोषणा करते हुए कहा कि वह इंटरनेशनल के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट से भी संन्यास ले रहे हैं। उनके इंटरनेशनल क्रिकेट करियर की शुरुआत 2011 में हुई थी और उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला 2023 में खेला था। इसके बाद से वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे।

तीनों फॉर्मेट में रहाणे के नाम 8,414 रन

रहाणे का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर अच्छा रहा और उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व टेस्ट, वनडे व टी20 सभी प्रारूपों में किया था। उन्होंने भारत के लिए खेले 85 टेस्ट मैचों में 5077 रन बनाए थे जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल थे साथ ही क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में उनका बेस्ट स्कोर 188 रन रहा था। वनडे में उन्होंने भारत के लिए खेले 90 मैचों मेमं 2962 रन बनाए थे जिसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक भी शामिल थे साथ ही उनका बेस्ट स्कोर वनडे प्रारूप में 111 रन रहा था। वहीं 20 टी20 मैचों में उन्होंने 375 रन एक अर्धशतक की मदद से बनाए थे और बेस्ट स्कोर 61 रन था। क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में उन्होंने भारत के लिए कुल 8,414 रन बनाए थे।

कप्तानी में अजेय रहे अजिंक्य रहाणे, नहीं गंवाया एक भी टेस्ट

अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जिसमें टीम को 4 मुकाबलों में जीत मिली, जबकि 2 टेस्ट ड्रॉ रहे। यानी बतौर कप्तान रहाणे ने एक भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया। उनकी कप्तानी में भारत ने 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा था। इस दौरे पर रहाणे ने विराट कोहली की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभाली थी। इसके अलावा, 2017 में भारत में खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट में भी रहाणे ने कप्तानी करते हुए टीम को जीत दिलाई थी। रहाणे भले ही भारत के नियमित कप्तान नहीं रहे, लेकिन जब भी उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी मिली, उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

रहाणे का भावुक फैसला, कहा- अब आगे बढ़ने का समय

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रहाणे ने रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए कहा कि जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की एक शुरुआत होती है और उसका अंत भी होता है। उनके मुताबिक, जब सही समय आता है तो उस फैसले का सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और अब उन्हें लगता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेकर आगे बढ़ने का सही समय आ गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रहाणे ने अपने क्रिकेट सफर को याद करते हुए कहा कि शुरुआती दिनों में एक युवा खिलाड़ी के तौर पर वह सिर्फ प्रैक्टिस करने के लिए डोंबिवली से यात्रा किया करते थे और उन्होंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया। हर दिन, हर पारी और बल्लेबाजी के हर मौके पर उनका सपना सिर्फ भारत की कैप पहनना था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा एक सरल सिद्धांत का पालन किया और अपने देश व टीम को खुद से ऊपर रखा। रहाणे के मुताबिक, उन्होंने पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला और उनका हमेशा विश्वास रहा कि अगर आपकी नीयत साफ है तो खेल भी आपका साथ देता है। उन्होंने अपनी क्रिकेट यात्रा के दौरान साथ देने के लिए बीसीसीआई, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन, साथियों, कोचों, आईपीएल फ्रेंचाइजी, पत्नी राधिका, परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों का आभार जताया।

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