सीमा कालीरमन की प्रेरक कहानी: मातृत्व और पढ़ाई के साथ जीता CWG 2026 का ब्रॉन्ज

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नई दिल्ली : ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सीमा कालीरमन ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए भारत के लिए कांस्य पदक जीता। पिछले संस्करण की पदक विजेता नाइजीरिया की ओबियागेरी अमाची, विश्व चैंपियनशिप फाइनलिस्ट जमैका की सामंथा हॉल और कनाडा की जूलिया टंक्स जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के बीच सीमा ने शानदार प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने प्रतियोगिता में केवल दो वैध थ्रो दर्ज किए, लेकिन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास उन्हें पोडियम पर तीसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।

हॉल ने 61.66 मीटर के थ्रो साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि टंक्स ने 60.67 मीटर के साथ सिल्वर मेडल जीता। सीमा की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उनका पहला थ्रो शॉट पुट एरिया के फ्रेम से टकरा गया। अपने दूसरे थ्रो में, उन्होंने 57.32 मीटर का थ्रो किया और तीसरे स्थान पर पहुंच गईं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर के साथ अपने थ्रो को बेहतर किया और तीसरे स्थान पर रहीं। हालांकि, उनके अगले तीन थ्रो फाउल रहे, जिनमें से दो फिर से फ्रेम में लगे।

जानिए सीमा कालीरमन की कहानी

सीमा कालीरमन इस समय भारत की नंबर-1 डिस्कस थ्रोअर हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पिछले महीने आयोजित इंटर स्टेट नेशनल चैंपियनशिप में 59.73 मीटर का थ्रो कर अपना नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (पर्सनल बेस्ट) रिकॉर्ड बनाया और खिताब अपने नाम किया। पिछले साल नेशनल गेम्स के बाद बेटे को जन्म देने के बावजूद उन्होंने खेल में शानदार वापसी की। सीमा 3 साल के बेटे की मां हैं और उन्होंने फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी भी पूरी की है। मातृत्व, पढ़ाई और खेल—तीनों जिम्मेदारियों को साथ लेकर उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनाई है।

मातृत्व के बाद सीमा की दमदार वापसी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीमा कालीरमन ने पिछले साल बातचीत में अपनी वापसी के संघर्ष को याद करते हुए कहा था, “मैदान पर वापसी करना बहुत मुश्किल था क्योंकि मैं डिस्कस को ठीक से छोड़ भी नहीं पा रही थी। लेकिन मुझे लगता है कि मेरे पति रविंदर की प्रेरणा और मार्गदर्शन ने मुझे अपनी ताकत दोबारा हासिल करने और पहले से बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।” मातृत्व के बाद फिटनेस और लय हासिल करना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने शानदार वापसी करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए कांस्य पदक जीत लिया।

भारत की महिला डिस्कस थ्रोअर्स का कॉमनवेल्थ सफर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीमा कालीरमन के करियर का यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है। इस कांस्य पदक के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला डिस्कस थ्रोअर्स की शानदार परंपरा को आगे बढ़ाया। महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में यह भारत का नौवां कॉमनवेल्थ गेम्स पदक है और सीमा इस इवेंट में पदक जीतने वाली छठी भारतीय एथलीट बन गई हैं। इस सूची में सबसे सफल भारतीय सीमा पुनिया हैं, जिनके नाम कॉमनवेल्थ गेम्स में चार पदक, जिनमें तीन रजत पदक शामिल हैं।

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