नई दिल्ली: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा देखने मिला है। अब तक चार मुक्केबाज फाइनल में जगह बना चुके हैं और ये सभी अब स्वर्ण पदक के लिए दावा ठोकेंगे। प्रीति, अंकुश, जैस्मीन लंबोरिया, अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने वर्गों के सेमीफाइनल मुकाबले जीते और फाइनल में जगह बना ली। आइए जानते हैं राष्ट्रमंडल खेलों के नौवें दिन भारतीय मुक्केबाजों का सेमीफाइनल में प्रदर्शन कैसा रहा है…
भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार (54 किग्रा) ने एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की। उन्होंने 5-0 से जाम्बिया की मुक्केबाज कैथरीन मवापे को शिकस्त दी भिवानी की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति ने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा। फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी। कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया।
दूसरी ओर, अंकुश ने भी पुरुष 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए। दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा 5-0 की जीत दर्ज की।
भारतीय मुक्केबाज जैस्मीन लंबोरिया ने फाइनल में जगह बना ली। जैस्मीन ने महिला 57 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में रेपलांग मासेलेला आरएससी (रेफरी द्वारा रोके गए मुकाबले) के जरिये हराया। जैस्मीन ने सेमीफाइनल में दमदार प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में हावी रहीं। जैस्मीन अब स्वर्ण पदक के लिए खेलेंगी।
भारतीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया। अरुंधति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली। अरुंधति ने सेमीफाइनल में रोजी एक्लेस को खंडित फैसले में 4-0 से हराया। अरुंधति ने पूरे मैच में दमदार प्रदर्शन किया। अरुंधति अब स्वर्ण पदक के लिए खेलेंगी। भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती दो राउंड में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखा और इसी दौरान रोजी को ‘स्टैंडिंग काउंट’ का सामना भी करना पड़ा। अरुंधति ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और प्रभावी पंच के दम पर गत चैंपियन पर बढ़त कायम रखी। वहीं, रोजी वापसी की कोशिश करती रहीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाज की मजबूत रणनीति के सामने वह सफल नहीं हो सकीं।
जादूमणि सिंह भी फाइनल में पहुंच गए हैं और स्वर्ण पदक हासिल करने से एक कदम दूर हैं। पुरुष 55 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जादूमणि ने नामीबिया के फिलिप पुमोलो मुताकेला को सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से हराया।


