23 अगस्त से एक्शन में वैभव सूर्यवंशी, सामने होगी बड़ी चुनौती और धैर्य की परीक्षा

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नई दिल्ली : वैभव सूर्यवंशी टी20 प्रारूप में खुद को साबित कर चुके हैं और इसी शानदार प्रदर्शन का नतीजा है कि वह आज भारतीय टी20 टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था, हालांकि इंग्लैंड की धरती पर उनका बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव ने शानदार वापसी करते हुए तीन मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब अपने नाम किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब वैभव 23 अगस्त से एक बार फिर मैदान पर नजर आएंगे, लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग होंगी और उनके सामने चुनौतियां भी पहले से कहीं बड़ी होंगी।

टी20 के बाद रेड बॉल क्रिकेट में वैभव की अग्निपरीक्षा

वैभव 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन टीम के लिए खेलते हुए नजर आने वाले हैं और वो इस टीम के उप-कप्तान भी बनाए गए हैं। हमने देखा है कि वैभव टी20 प्रारूप में कितने खतरनाक हैं और वो तेज गति से रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। पिछले कई महीनों से वैभव लगातार टी20 क्रिकेट ही खेल रहे हैं ऐसे में वैभव के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वो अब रेड बॉल क्रिकेट को किस तरह से हैंडल करते हैं। टी20 प्रारूप के बाद एकदम से टेस्ट के मोड में आना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता खास तौर पर वैसा खिलाड़ी जो रुककर खेलना ज्यादा पसंद नहीं करता।

टी20 के बाद वैभव के धैर्य की कड़ी परीक्षा

टेस्ट क्रिकेट में आपको मैदान पर धैर्य दिखाना होता है साथ ही रुककर पिच की स्थिति, टीम की स्थिति, कंडीशन, सबकुछ देखकर बल्लेबाजी करने की जरूरत होती है। यहां पर टी20 जैसा अप्रोच नहीं चल पाता और जो टी20 जैसी बल्लेबाजी करने की कोशिश करता है वो धराशाई हो जाता है। वैभव को अगर भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट भी खेलना है तो उन्हें इस बात को समझनी होगी और रेड बॉल क्रिकेट में अपना धैर्य भी दिखाना होगा। वैभव के सामने दलीप ट्रॉफी में एक से बढ़कर एक शानदार गेंदबाज होंगे जो उनकी कड़ी परीक्षा लेते हुए नजर आएंगे और उन्हें इस परीक्षा में पास होना होगा।

वैभव सूर्यवंशी के कंधों पर उप-कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी

आज के दौर में ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी बनना आसान नहीं है। क्रिकेट के हर प्रारूप में सफल होने के लिए खिलाड़ी को परिस्थितियों और खेल की मांग के अनुसार खुद को ढालने की कला सीखनी होती है। वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी एक बड़ा मौका है, जहां उन्हें कई अनुभवी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ खेलने के साथ-साथ उनके खिलाफ भी अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अगर वैभव यहां शानदार प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं, तो भविष्य में टेस्ट टीम के लिए भी उनके नाम पर विचार किया जा सकता है। इतना ही नहीं, उन्हें इस सीजन ईस्ट जोन का उप-कप्तान भी बनाया गया है। ऐसे में अगर इशान किशन किसी मुकाबले में नहीं खेलते हैं, तो वैभव को कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ सकती है। यानी इस युवा खिलाड़ी के लिए दलीप ट्रॉफी सिर्फ बल्लेबाजी नहीं, बल्कि नेतृत्व और धैर्य की भी बड़ी परीक्षा होगी।

दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन की टीम

अभिमन्यु ईश्वरन (बंगाल), सुदीप घरामी (बंगाल), शाहबाज अहमद (बंगाल), सूरज सिंधु जयसवाल (बंगाल), मोहम्मद शमी (बंगाल), मुकेश कुमार (बंगाल), इशान किशन (कप्तान) (झारखंड), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर) (झारखंड), शिखर मोहन (झारखंड), अनुकूल रॉय (झारखंड), विराट सिंह (झारखंड), सुभ्रांशु सेनापति (ओडिशा), वैभव सूर्यवंशी (उप-कप्तान) (बिहार), डेनिश दास (असम) और अभिजीत सरकार (असम)

स्टैंडबाय: आयुष लोहारुका (बिहार), श्रीदाम पॉल (त्रिपुरा), संबित बराल (ओडिशा), स्वास्तिक सामल (ओडिशा) और शरणदीप सिंह (झारखंड)।

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