नई दिल्ली : राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तेजस्विन शंकर ने घुटने की चोट से उबरने के बाद शानदार वापसी करते हुए इतिहास रच दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतकर डेकाथलन स्पर्धा में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। दस स्पर्धाओं वाली इस कठिन प्रतियोगिता में तेजस्विन ने कुल 7976 अंक जुटाए। उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 8057 अंक का है, जो भारतीय एथलेटिक्स में डेकाथलन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
लंबे समय से चली आ रही घुटने की समस्या के कारण तेजस्विन ने ग्लास्गो खेलों की ऊंची कूद स्पर्धा से नाम वापिस ले लिया था। उन्होंने बर्मिंघम में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में कांस्य जीता था। इसके साथ ही वह दो राष्ट्रमंडल खेलों में अलग अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले भी पहले भारतीय बन गए।
भालाफेंक के दम पर तेजस्विन ने हासिल किया तीसरा स्थान
हांगझोउ एशियाई खेल 2023 के रजत पदक विजेता 27 वर्ष के तेजस्विन कनाडा के डेमियन वार्नर से पिछड़ गए जिन्होंने 8036 अंक लेकर रजत पदक जीता। पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर ने 8096 अंक लेकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तेजस्विन ने 9वीं स्पर्धा भालाफेंक के बाद तीसरा स्थान हासिल कर लिया था। 1500 मीटर में पांचवें स्थान पर रहने के बाद उसे बरकरार रखा।
घुटने की चोट के बावजूद तेजस्विन ने रचा इतिहास
जब तेजस्विन ने डेकाथलन की शुरुआत 100 मीटर इवेंट में 10.96 सेकेंड के साथ की तो ऐसा लगा कि घुटने में दिक्कत हो रही है, लेकिन लॉन्ग जंप के दूसरे इवेंट तक उन्होंने साबित कर दिया कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं। तेजस्विन ने लॉन्ग जंप में 7.82 मीटकर का रिकॉर्ड बनाकर अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन है। इससे पहले उनका पर्सनल बेस्ट 7.67 मीटर था।
शॉट पुट में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके
शॉट पुट में तेजस्विन ने फिर से औसत प्रदर्शन किया और अपनी तीन कोशिशों में 13.09मीटर का बेस्ट थ्रो करके इवेंट को सातवें स्थान पर खत्म किया। फिर हाई जंप की बारी आई, जो शंकर का मजबूत पक्ष है। 2.29 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ उन्हें अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन घुटने की दिक्कत की वजह से उन्होंने 2.15 मीटर का बेस्ट जंप रिकॉर्ड किया और कुल 944 पॉइंट्स कमाए।
आठ स्पर्धाओं के बाद चौथे स्थान पर थे तेजस्विन शंकर
दिन के आखिरी इवेंट 400मीटर में तेजस्विन अपने पर्सनल बेस्ट 48.29 सेकेंड से काफी पीछे थे, लेकिन उन्होंने 49.51 सेकेंड का समय निकाला। पोल वॉल्ट में तेजस्विन ने 4.30 मीटर बहुत आसानी से पार कर लिया। आठ इवेंट के बाद, तेजस्विन 6637 पॉइंट्स के साथ चौथे नंबर पर रहे, जबकि सैमी बॉल 6650 पॉइंट्स के साथ तीसरे नंबर पर थे।
भालाफेंक के दम पर तेजस्विन ने बनाई टॉप-3 में जगह
विक्टर ने जेवलिन थ्रो में 63.06 मीटर के बड़े थ्रो के साथ अपना गोल्ड मेडल पक्का किया और दूसरे नंबर पर रहे वार्नर से बड़ी बढ़त बना ली, जबकि तेजस्विन ने 53.12मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो फेंका और 7272 पॉइंट्स के साथ मेडल की पोजीशन पर वापस आ गए।
डेकाथलन में भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि
बॉल तेजस्विन शंकर से 109 अंक पीछे थे, इसलिए उन्हें 1500 मीटर दौड़ में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना जरूरी था। दूसरी ओर, तेजस्विन के सामने चुनौती सिर्फ अपनी बढ़त बनाए रखने की थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने दबाव में शानदार संयम दिखाया और अंतिम स्पर्धा में 704 अंक हासिल करते हुए अपनी बढ़त बरकरार रखी। इसी के साथ तेजस्विन ने इतिहास रचते हुए भारत को डेकाथलन में अब तक का सबसे बड़ा पदक दिलाया।

