लवलीना बोरगोहेन की तारीफ में पीएम मोदी ने कही बड़ी बात

0

नई दिल्ली : खेल के मैदान में जब कोई खिलाड़ी पदक जीतता है, तो वह सिर्फ अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि का जश्न नहीं मनाता, बल्कि पूरे देश के गौरव को भी बढ़ाता है। अक्सर हम राष्ट्रभक्ति को राष्ट्रगान के दौरान सावधान मुद्रा में खड़े होने या तिरंगे को सलाम करने तक सीमित मान लेते हैं, लेकिन वास्तविक देशभक्ति इससे कहीं व्यापक है। यह उस निरंतर सजगता में निहित है, जिसके जरिए व्यक्ति अपने देश के सम्मान, गौरव और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति हर पल जिम्मेदारी और सम्मान का भाव बनाए रखता है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत राष्ट्रप्रेम और नागरिक बोध के इसी सूक्ष्म, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण पक्ष को उजागर करती है। किसी भी देश का मानचित्र महज भौगोलिक सीमाओं और रेखाओं का समूह नहीं होता, बल्कि वह राष्ट्र की अखंडता, संप्रभुता और राष्ट्रीय अस्मिता का महत्वपूर्ण प्रतीक होता है। ऐसे में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और उनकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बन जाती है।

ग्लासगो में 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने एक ऐसी घटना पर आपत्ति जताई, जिसने उनकी देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सजगता को सामने रखा। भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए आयोजित एक समारोह के दौरान रेस्टोरेंट के लोगो में भारत का गलत नक्शा इस्तेमाल किया गया था, जिसमें देश के पूर्वोत्तर राज्यों को दर्शाया नहीं गया था। लवलीना ने इस गलती को देखा तो रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के सामने विनम्रता से अपनी आपत्ति दर्ज कराई और नक्शे को सही करने का आग्रह किया। उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए रेस्टोरेंट ने बाद में नक्शे में आवश्यक सुधार किया।

‘क्या रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थी?’

लवलीना बोरगोहेन की इस सजगता का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके इस कदम की सराहना की है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने लवलीना से इसी घटना को लेकर बातचीत की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुस्कुराते हुए उन्होंने लवलीना से पूछा, ‘‘क्या हुआ था, वो रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थी?’’ प्रधानमंत्री के इस सवाल पर माहौल हल्का-फुल्का हो गया और लवलीना ने उन्हें पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस सवाल पर असम की मुक्केबाज हंस पड़ीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लवलीना ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि भारतीय दल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया था और प्रतियोगिता का आखिरी दिन होने के कारण सभी खिलाड़ी जश्न मना रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर रेस्टोरेंट के लोगो में बने भारत के गलत नक्शे पर पड़ी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लवलीना बोरगोहेन ने बताया कि भारत का गलत नक्शा देखकर उन्हें अच्छा नहीं लगा। उन्होंने रेस्टोरेंट के कर्मचारियों से किसी तरह का विवाद किए बिना विनम्रता से अपनी बात रखी और नक्शे में सुधार करने का अनुरोध किया। उनकी बात को रेस्टोरेंट के लोगों ने स्वीकार किया और बाद में नक्शे में आवश्यक बदलाव भी कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लवलीना ने बताया कि भारतीय दल ने प्रतियोगिता के अंतिम दिन शानदार प्रदर्शन किया था और सभी खिलाड़ी जीत के बाद जश्न मना रहे थे। ऐसे माहौल में गलत नक्शा देखकर उन्हें थोड़ा बुरा लगा, इसलिए उन्होंने सम्मानपूर्वक अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

‘इस वीडियो को लंबे समय तक याद रखा जाएगा’

लवलीना बोरगोहेन की बात सुनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सजगता और सोच की सराहना की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी प्रतियोगिता खत्म होने के बाद जीत का जश्न मना रहे थे, उस समय भी लवलीना ने भारत के नक्शे की अहमियत और उसकी संवेदनशीलता को पहचाना। प्रधानमंत्री ने इसे सामान्य घटना नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता का उदाहरण बताया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘इस विजय की परिस्थिति में… खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ… और गेम पूरे हो चुके हैं। हंसी, मजाक, मस्ती का मूड है… ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत… सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है, ऐसा नहीं है। भीतर से देश का भाव, मैं सच बता रहा हूं…। यह वीडियो सामान्य नहीं है। लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा।’’

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लवलीना बोरगोहेन से मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या अब दुनिया के खिलाड़ी भारतीय मुक्केबाजों से डरने लगे हैं। इस पर लवलीना ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि निश्चित रूप से ऐसा महसूस हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि भारतीय खिलाड़ियों के लगातार स्वर्ण पदक जीतने से माहौल बेहद शानदार रहा और उन्हें लगातार मिल रहे समर्थन ने भी काफी उत्साह बढ़ाया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लवलीना ने कहा कि युवा खिलाड़ियों को लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसर मिल रहे हैं, जो उनके विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने खेलो इंडिया योजना को भी युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा बदलाव लाने वाला मंच बताया और कहा कि इसका सकारात्मक असर विभिन्न खेलों में दिखाई दे रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here