नई दिल्ली : अजंता मेंडिस 2008 के दौर का ऐसा नाम थे, जिसने भारतीय बल्लेबाजों के साथ-साथ फैंस के मन में भी एक अलग तरह का खौफ पैदा कर दिया था। 6 जुलाई 2008 को कराची में खेले गए एशिया कप के फाइनल में भारतीय टीम को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। श्रीलंका ने भारत के सामने 276 रन का लक्ष्य रखा और टीम इंडिया ने शुरुआत भी ठीक-ठाक की, लेकिन 76 रन पर दूसरा विकेट गिरने के बाद भारतीय पारी बिखर गई। पूरी टीम महज 173 रन पर सिमट गई। श्रीलंका के मिस्ट्री स्पिनर अजंता मेंडिस ने अपनी घातक गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजी क्रम को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया और अकेले 6 विकेट लेकर श्रीलंका की जीत में अहम भूमिका निभाई।
गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, सुरेश रैना, युवराज सिंह, एमएस धोनी जैसे सभी दिग्गज मेंडिस की फिरकी में फंस चुके थे। भारत इस तरह फाइनल में हारा और अजंता मेंडिस 8 ओवर में 1 मेडन और 13 रन देकर 6 विकेट लेते हुए हीरो बन गए। इसके बाद हर तरफ मेंडिस की मिस्ट्री की चर्चा होने लगी, मगर वीरेंद्र सहवाग का आतिशी अंदाज किसी से नहीं छिपा था। एक बार तो मेंडिस जीत गए थे लेकिन फैंस को इंतजार था दोबारा सहवाग और मेंडिस की भिड़ंत का।
6 जुलाई 2008 को एशिया कप फाइनल में अजंता मेंडिस ने टीम इंडिया का जो हाल किया था, उसे क्रिकेट फैंस आज भी नहीं भूले हैं। भारतीय बल्लेबाजों के मन में इस प्रदर्शन का जवाब देने का जज्बा भी था। एशिया कप का खिताब गंवाने के बाद टीम इंडिया को बदले के मौके का इंतजार था और यह मौका ज्यादा दूर नहीं था। करीब एक महीने के भीतर ही वीरेंद्र सहवाग ने मेंडिस की ‘मिस्ट्री’ का ऐसा जवाब दिया, जिसे लंबे समय तक याद किया गया। यह मुकाबला वनडे नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में गॉल के मैदान पर खेला गया था। सहवाग ने यहां शानदार दोहरा शतक जड़ते हुए मेंडिस की गेंदबाजी का बेखौफ अंदाज में सामना किया। वहीं मेंडिस ने इस मुकाबले में 4 से अधिक की इकॉनमी रेट से रन खर्च किए।
कैसे सुलझी थी मेंडिस की रहस्यमयी फिरकी?
दरअसल यह मौका था भारत और श्रीलंका के बीच 2008 में खेली जा रही टेस्ट सीरीज का। सीरीज का दूसरा मुकाबला गॉल में खेला जा रहा था। 31 जुलाई से शुरू हुए इस मैच में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी। सहवाग ने 201 रन बनाए लेकिन पूरी भारतीय टीम 329 रन पर सिमट गई। अजंता मेंडिस फिर से आग उगल रहे थे। उन्होंने फिर छह विकेट झटके, मगर वीरेंद्र सहवाग ने उस पारी में जो पिटाई की थी उसके बाद से सभी को मेंडिस की फिरकी के फंदे का हल मिल गया था।
उस पारी में अजंता मेंडिस ने 6 विकेट जरूर लिए थे लेकिन 28 ओवर में 117 रन उन्होंने 4 से ऊपर की इकॉनमी से खर्च किए थे। एक तरफ से मेंडिस और मुरली विकेट ले रहे थे, दूसरी तरफ से सहवाग दोनों की खबर ले रहे थे। वीरू 201 रन बनाकर नाबाद रहे थे। उन्होंने अपनी पारी में 22 चौके और 4 छक्के लगाए थे। दूसरी पारी में भी सहवाग ने 50 रन की पारी खेली थी।
श्रीलंकाई टीम इस मुकाबले में 170 रन से हार गई थी और भारत की जीत में वीरेंद्र सहवाग की शानदार पारी का अहम योगदान रहा। इसके बाद धीरे-धीरे दुनिया के बल्लेबाजों ने अजंता मेंडिस की ‘मिस्ट्री’ का सामना करने का तरीका खोज लिया। इससे पहले मेंडिस की गेंदबाजी को पढ़ना बल्लेबाजों के लिए बेहद मुश्किल माना जाता था और उनके खिलाफ खुलकर प्रहार करना आसान नहीं था। लेकिन सहवाग ने गॉल टेस्ट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से उनकी गेंदबाजी की काट दिखा दी। उन्होंने जिस अंदाज में मेंडिस की फिरकी का सामना किया, उससे दूसरे बल्लेबाजों को भी उनकी गेंदबाजी के खिलाफ रणनीति बनाने का रास्ता मिला।
यहां देखें गॉल के उस टेस्ट मैच का पूरा स्कोरकार्ड\
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| सीरीज | भारत का श्रीलंका दौरा, 2008 |
| मैच | दूसरा टेस्ट |
| स्थान | गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम, गॉल |
| तारीख | 31 जुलाई से 3 अगस्त 2008 |
| टॉस | भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की |
| नतीजा | भारत 170 रन से जीता |
| सीरीज स्थिति | 3 टेस्ट की सीरीज 1-1 से बराबर |
| प्लेयर ऑफ द मैच | वीरेंद्र सहवाग |
| भारत पहली पारी | 329 रन, ऑल आउट |
| श्रीलंका पहली पारी | 292 रन, ऑल आउट |
| भारत दूसरी पारी | 269 रन, ऑल आउट |
| श्रीलंका दूसरी पारी | 136 रन, ऑल आउट |
| श्रीलंका का लक्ष्य | 307 रन |
| श्रीलंका की दूसरी पारी | 47.3 ओवर में 136 रन |
भारत की पहली पारी
| बल्लेबाज | रन | गेंद | चौके | छक्के |
|---|---|---|---|---|
| वीरेंद्र सहवाग | *201 ** | 231 | 22 | 4 |
| गौतम गंभीर | 56 | 103 | 8 | 0 |
| वीवीएस लक्ष्मण | 39 | 83 | 4 | 0 |
| राहुल द्रविड़ | 2 | 6 | 0 | 0 |
| सचिन तेंदुलकर | 5 | 3 | 1 | 0 |
| सौरव गांगुली | 0 | 5 | 0 | 0 |
| दिनेश कार्तिक | 7 | 11 | 0 | 0 |
| अनिल कुंबले | 4 | 32 | 0 | 0 |
| हरभजन सिंह | 1 | 7 | 0 | 0 |
| जहीर खान | 2 | 7 | 0 | 0 |
| ईशांत शर्मा | 0 | 4 | 0 | 0 |
| कुल | 329 | 82 ओवर |
सहवाग 201 रन बनाकर नाबाद रहे और भारत की पहली पारी 329 रन पर समाप्त हुई। श्रीलंका की ओर से अजंता मेंडिस ने 6 विकेट लिए।
श्रीलंका की पहली पारी
| बल्लेबाज | रन | चौके | छक्के |
|---|---|---|---|
| महेला जयवर्धने | 86 | 10 | 0 |
| कुमार संगकारा | 68 | 9 | 0 |
| मालन वार्नापुरा | 66 | 10 | 1 |
| थिलन समरवीरा | 14 | 2 | 0 |
| प्रसन्न जयवर्धने | 24 | 1 | 0 |
| अन्य | 34 | — | — |
| कुल | 292 |
भारत की ओर से हरभजन सिंह ने 6 विकेट और अनिल कुंबले ने 3 विकेट लिए।
भारत की दूसरी पारी
| बल्लेबाज | रन |
|---|---|
| गौतम गंभीर | 74 |
| वीरेंद्र सहवाग | 50 |
| राहुल द्रविड़ | 44 |
| सचिन तेंदुलकर | 31 |
| दिनेश कार्तिक | 20 |
| सौरव गांगुली | 16 |
| हरभजन सिंह | 11 |
| वीवीएस लक्ष्मण | 13 |
| अनिल कुंबले | 2 |
| जहीर खान | 1* |
| ईशांत शर्मा | 0 |
| कुल | 269 |
श्रीलंका के लिए अजंता मेंडिस ने दूसरी पारी में 4 विकेट और मुथैया मुरलीधरन ने 3 विकेट लिए।
श्रीलंका की दूसरी पारी
| बल्लेबाज | रन |
|---|---|
| थिलन समरवीरा | 67* |
| तिलकरत्ने दिलशान | 38 |
| महेला जयवर्धने | 5 |
| महेला जयवर्धने (विकेटकीपर) | 4 |
| मालन वार्नापुरा | 10 |
| कुमार संगकारा | 1 |
| अन्य | 11 |
| कुल | 136 |
भारत की गेंदबाजी में हरभजन सिंह ने 4 विकेट, ईशांत शर्मा ने 3 और अनिल कुंबले ने 2 विकेट लिए।


