नई दिल्ली : ‘गुरु रह गया गुड़, चेला हो गया शक्कर…’ यह कहावत आपने जरूर सुनी होगी। क्रिकेट में भी अक्सर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और खिताब जीतने वाली टीम को ही सबसे ज्यादा याद किया जाता है, जबकि पर्दे के पीछे रणनीति बनाने और खिलाड़ियों को तैयार करने वाले कोच का योगदान अपेक्षाकृत कम चर्चा में रहता है। ऐसे ही उन कोचों की बात करना जरूरी है, जिनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने आईसीसी खिताब अपने नाम किए। इनमें कुछ हालिया विजेता कोच तो क्रिकेट प्रशंसकों की याद में हैं, लेकिन कई ऐसे नाम भी हैं जिन्हें आज बहुत कम लोग याद करते हैं। आइए जानते हैं भारत के आईसीसी खिताबी सफर में इन चैंपियन कोचों की भूमिका और उनकी पूरी सूची।
अगर वनडे वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी की बात करें तो भारत के पास कुल 8 आईसीसी टाइटल हैं। आपको शायद इन सभी विजेता टीमों के खिलाड़ी और कप्तान याद होंगे, मगर इन सभी आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली इन टीमों के लिए गुरु द्रोणाचार्य वाला काम किस कोच ने निभाया था, यह निश्चित ही कम लोगों के ध्यान में होगा।
सबसे पहले बता दें कि भारत ने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में पहली बार वनडे विश्व कप जीतकर अपना पहला आईसीसी खिताब हासिल किया था। इसके बाद टीम इंडिया ने कई बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में सफलता हासिल की। हाल ही में 2026 में भारत ने अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब भी अपने नाम किया। भारत अब तक दो वनडे विश्व कप और तीन चैंपियंस ट्रॉफी, जिनमें एक संयुक्त विजेता के रूप में मिली ट्रॉफी भी शामिल है, जीत चुका है। अब नजर डालते हैं 1983 से 2026 तक भारत के सभी आईसीसी खिताबी अभियानों पर और जानते हैं कि इन सफल टीमों के कोच या प्रशिक्षक कौन थे।
1- 1983 वनडे वर्ल्ड कप
भारतीय टीम ने पहली बार 1983 में विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। भारत को पहली बार विश्व विजेता बनाने वाले कप्तान थे कपिल देव और इस जीत के हीरो थे कई दिग्गज खिलाड़ी जैसे मोहिंदर अमरनाथ, मदन लाल, यशपाल शर्मा, रोजर बिन्नी, दिलीप वेंगसरकर, रवि शास्त्री, सुनील गावस्कर, कृष्णमचारी श्रीकांत आदि, मगर इस टीम का कोच कौन था?
आपको बताते हैं…1983 में भारतीय टीम को विश्व कप के लिए भेजने और ले जाने में अहम योगदान रहा था टीम के मैनेजर पीआर मान सिंह का। टीम की हर जरूरत और हर खास ट्रेनिंग में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। खास बात यह है कि 1983 विश्व कप की इस जीत से 1987 तक वही टीम इंडिया के कोच भी थे।
2- 2002 चैंपियंस ट्रॉफी (संयुक्त विजेता)
साल 2000 से 2005 का दौर भारतीय क्रिकेट के एक सफल इतिहास के रूप में जाना जाता है। इस दौरान 2002 में श्रीलंका में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया मेजबान श्रीलंकाई टीम के साथ संयुक्त विजेता बनी थी। सेमीफाइनल में मजबूत साउथ अफ्रीका को हराकर भारत फाइनल में पहुंचा था लेकिन बारिश के कारण दो दिन फाइनल मैच नहीं हो पाया और उसे श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता घोषित किया गया। उस भारतीय टीम के कोच थे न्यूजीलैंड के दिग्गज जॉन राइट। उनके प्रशिक्षण में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 2003 में वनडे वर्ल्ड कप की रनर अप बनी और फिर 2004 का सफल ऑस्ट्रेलिया दौरा सभी को याद होगा।
3- टी20 वर्ल्ड कप 2007
साल 2007 में जब पहली बार टी20 विश्व कप का आयोजन हुआ तो यह फॉर्मेट एकदम नया था। बीसीसीआई ने भी इसमें ज्यादा दिलचस्पी न दिखाते हुए बिना प्रमुख खिलाड़ियों और बिना प्रमुख कोच के ही टीम को साउथ अफ्रीका भेज दिया था। फिर जब भारत चैंपियन बना तो टी20 क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर एक नई राह मिली। 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप खेलने गई टीम इंडिया के मैनेजर थे लालचंद सीताराम राजपूत। भारतीय बोर्ड ने इस टूर्नामेंट के लिए पूर्व क्रिकेटर राजपूत को ही टीम इंडिया के लिए कोचिंग की भूमिका निभाने को कहा था।
4- वनडे वर्ल्ड कप 2011
यह ऐसा टूर्नामेंट था जिसने एक बार फिर से भारत में क्रिकेट को जीवनदान दिया था। 28 साल का विश्व कप का सूखा खत्म होना, ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत पर पूर्ण विराम लगना और दिग्गज सचिन तेंदुलकर का सपना पूरा होना, सबकुछ इस टूर्नामेंट में फैंस ने देखा था। इस टीम के शायद प्रत्येक खिलाड़ी का नाम हर क्रिकेट फैन को याद होगा। खास बात यह है कि इस टीम के कोच गैरी कर्स्टन ने भी भारतीय प्रशंसकों के दिल में खास जगह बनाई।
5- चैंपियंस ट्रॉफी 2013
2002 के बाद चैंपियंस ट्रॉफी टीम इंडिया ने 2013 में यानी 11 साल बाद जीती। इंग्लैंड में आयोजित इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम एमएस धोनी की कप्तानी में तीसरा आईसीसी खिताब जीती थी। इस टीम के कोच का नाम शायद बहुत लोगों को नहीं पता होगा। जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर डंकन फ्लेचर का कार्यकाल भारत के लिए कम दिनों का था लेकिन असरदार था। उनके प्रशिक्षण में टीम इंडिया अजेय रहते हुए 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी विनर बनी थी।
6- टी20 वर्ल्ड कप 2024
यह एक भावुक टूर्नामेंट था। इसमें 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल का जख्म ताजा था। सभी फैंस के इन ज़ख्मों पर मरहम लगाया था रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम ने बारबाडोस में तिरंगा फहराकर। इस टूर्नामेंट की खास बात यह भी थी कि 11 साल के इंतजार के बाद भारत ने कोई आईसीसी टाइटल जीता था। इस टीम के कोच थे दिग्गज राहुल द्रविड़। उनके खास सेलिब्रेशन और दिग्गज रोहित-विराट के साथ उनकी बेहतरीन तस्वीरों को शायद कोई कभी नहीं भूल पाएगा।
7- चैंपियंस ट्रॉफी 2025
29 जून 2024 को भारतीय टीम टी20 विश्व विजेता बनी थी और मार्च 2025 में रोहित शर्मा की कप्तानी में ही टीम इंडिया ने अपना तीसरा चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। एक साल के अंदर भारत की यह दूसरी आईसीसी ट्रॉफी थी। कई खिलाड़ी समान थे मगर कोच इस बार राहुल द्रविड़ नहीं थे। द्रविड़ 2024 विश्व कप के बाद विदाई ले चुके थे और फिर मिला टीम इंडिया को नया कोच। ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर गावस्कर ट्रोफी की हार, उससे पहले घर में न्यूजीलैंड से टेस्ट सीरीज हार, फिर चैंपियंस ट्रॉफी की इस जीत से नवनियुक्त कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल को नई दिशा मिली थी।
8- टी20 वर्ल्ड कप 2026
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने 2026 टी20 विश्व कप जीता था। इस टीम के भी कोच थे गौतम गंभीर। यह भारत का 8वां पुरुष आईसीसी टाइटल था, जबकि गंभीर का बतौर कोच दूसरा। गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट इतिहास के एकमात्र ऐसे कोच हैं जिनके प्रशिक्षण में टीम इंडिया ने 2 आईसीसी टाइटल जीते हैं। अब नजरें हैं टीम की अगले साल होने वाले WTC 2025-27 फाइनल और 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर।


