राज्य स्तरीय T20 लीग पर BCCI की नजर, सट्टेबाजों ने खिलाड़ियों से साधा संपर्क

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नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार रोधी इकाई ने राज्य क्रिकेट संघों द्वारा आयोजित की जा रही सभी टी20 लीगों की निगरानी बढ़ा दी है। इसका उद्देश्य कुछ टीम मालिकों, आयोजकों और खिलाड़ियों से जुड़ी भ्रष्टाचार की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई इन लीगों में होने वाली गतिविधियों की जांच कर रही है और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि मिलने पर उस पर नजर रखी जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट(ACSU) ने पाया है कि सट्टेबाज और संदिग्ध लोग खिलाड़ियों, टीम मालिकों और मैनेजरों से संपर्क कर रहे हैं, जो खेल के नियमों और आचार संहिता के खिलाफ है। यह पहली बार है जब एसीएसयू राज्य स्तर की लीग के सभी मैचों पर नजर रख रही है। इससे पहले सिर्फ टेस्ट मैच,आईपीएल और दूसरे मुख्य मैचों पर ही पूरी तरह से नजर रखी जाती थी।’

खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों पर BCCI की पैनी नजर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि एसीएसयू अधिकारी इस बात पर भी नजर रख रहे हैं कि इन टी20 मैचों के दौरान खिलाड़ी और टीम के अधिकारी अपने होटलों में किन लोगों से मिल रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई तब की गई है जब पिछले सीजन से ही तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) की “कुछ टीमें” भ्रष्टाचार से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों के कारण एसीएसयू की निगरानी में आ गई थीं।

टीएनपीएल से आगे बढ़ा मामला, अन्य टी20 लीगों में भी निगरानी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि एंटी-करप्शन यूनिट को लगता है कि बुकी, खिलाड़ी और मालिक की संदिग्ध मिलीभगत सिर्फ टीएनपीएल तक ही सीमित नहीं है। टीएनपीएल का 10वां एडिशन डिंडीगुल और चेन्नई में 23 अगस्त तक चलेगा। राज्य संघों द्वारा आयोजित लीग, आईपीएल और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए होने वाले राष्ट्रीय घरेलू टी20 टूर्नामेंट के बाद टी20 मैचों का तीसरा स्तर हैं। घरेलू सीजन शुरू होने से पहले, जून-अगस्त के दौरान मुंबई, सौराष्ट्र, बंगाल, आंध्र, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, असम और झारखंड की अपनी-अपनी टी20 लीग होती हैं।

चंद पैसों के लालच में दांव पर पड़ रही खिलाड़ियों की साख

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बुकी टीम के मालिकों और खिलाड़ियों को लुभाने के लिए “जल्दी पैसा कमाने” का लालच देते हैं। इनमें से कई खिलाड़ी क्लब-लेवल के होते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,’जिस स्तर पर ये लोग काम करते हैं, उसे देखते हुए कुछ मालिक, आयोजक और खिलाड़ी आसानी से बुकी के झांसे में आ सकते हैं। नियमों के उल्लंघन के कारण कई लोग एसीएसयू की नजर में हैं। उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।’

तमिलनाडु के ऑलराउंडर पर गिरी गाज, BCCI ने की कार्रवाई

शुक्रवार को पता चला कि पिछले सीजन रणजी ट्रॉफी डेब्यू करने वाले तमिलनाडु के एक ऑलराउंडर को एंटी-करप्शन नियमों का उल्लंघन करने के कारण टीएनपीएल के मौजूदा सीजन के बाकी मैचों में खेलने से रोक दिया गया है। एसीएसयू ने खिलाड़ी से एक ऐसा मोबाइल फोन जब्त किया, जिसके बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। यह तब हुआ जब वह ‘प्लेयर एंड मैच ऑफिशियल एरिया’ (PMOA) में थे। सूत्रों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, क्योंकि एसीएसयू ने अलग-अलग राज्य लीग में कम से कम आधा दर्जन खिलाड़ियों को इन इलाकों में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा है।

टीएनसीए और एसीएसयू की बढ़ी सक्रियता, टी20 लीग पर पैनी नजर

तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) के अध्यक्ष टीजे श्रीनिवासाराज ने कहा कि टीएनपीएल के लिए एसीएसयू के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, ’हम एसीएसयू टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि सब कुछ ठीक से चलता रहे। टीएनसीए और एसीएसयू के बीच लगातार बातचीत होती रहती है ताकि खेल और टूर्नामेंट की ईमानदारी बनी रहे। यह हमेशा से हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है।”

देवजीत सैकिया ने क्या कहा? जानें BCCI का पूरा रुख

टीएनपीएल में मोबाइल फोन से जुड़ी घटना और सभी राज्य स्तरीय टी20 लीग पर नजर रखने के एसीएसयू के फैसले के बारे में पूछे जाने पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि यह एक छोटी घटना थी, जिस पर बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट ने तुरंत संज्ञान लिया और इसमें शामिल खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि बीसीसीआई की एसीयू पूरी तरह सक्रिय और सतर्क है तथा खेल की ईमानदारी से जुड़े किसी भी छोटे से छोटे मामले को नजरअंदाज नहीं करना चाहती। सैकिया के मुताबिक, क्रिकेट में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बीसीसीआई की प्राथमिकता है।

हर टूर्नामेंट में एसीएसयू के दो अधिकारी रखेंगे पैनी नजर

2018 में बीसीसीआई ने राज्य स्तरीय टी20 लीग के लिए कड़े भ्रष्टाचार-रोधी नियम लागू किए थे। इनके तहत हर टूर्नामेंट में एसीएसयू के दो अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य की गई थी। इसके अलावा भ्रष्टाचार-रोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और पीएमओए के सभी प्रवेश व निकास बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए थे। 2019 में एसीएसयू ने टीएनपीएल में खिलाड़ियों और कोचों के संदिग्ध सट्टेबाजों के संपर्क में होने की शिकायतों की जांच भी की थी। हालांकि, उस जांच के नतीजों को सार्वजनिक नहीं किया गया था।

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